हरदोई। माधौगंज ब्लाक के परनखा गांव के बाहर मिली नवजात क ी इलाज क े अभाव में मौत के मामले की जांच के लिए मंगलवार को एडी स्वास्थ्य ने जिला अस्पताल व माधौगंज सीएचसी में डॉक्टरों व स्टाफ के बयान दर्ज किए।
माधौगंज ब्लाक के परनखा गांव के कब्रिस्तान के बाहर 30 जून को लावारिश नवजात बच्ची मिली थी। ग्रामीण उसे माधौगंज सीएचसी ले गए। गंभीर हालत के चलते उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लावारिश होने के कारण महिला अस्पताल में बिना इलाज किए बच्ची को जिला अस्पताल भेज दिया गया। यहां ड्यूटी पर तैनात डाक्टर व अन्य स्टाफ ने बच्ची की हालत गंभीर होने की बात कहते हुए भर्ती नहीं किया था। इसके चलते बच्ची ने जिला अस्पताल के गेट के बाहर एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया था।
डॉक्टरों की लापरवाही की खबर को अमर उजाला ने लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर डीएम और स्वास्थ्य विभाग ने टीमें बनाकर मामले की जांच कराई। डीएम ने जांच रिपोर्ट डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग को भेजी थी। डीएम की रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया डॉक्टरों को दोषी पाया गया था। इस मामले में बयान दर्ज करने एडी स्वास्थ्य डा. मिथिलेश चतुर्वेदी मंगलवार को हरदोई पहुंचीं। उन्होंने पहले सीएचसी माधौगंज में सीएचसी अधीक्षक व अन्य स्टाफ के बयान दर्ज किए। इसके बाद जिला महिला अस्पताल में सीएमएस, दो स्टाफ नर्स, इसके बाद जिला अस्पताल में डाक्टर व फार्मासिस्ट के बयान दर्ज किए। सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव से भी पूछताछ की।