हरदोई। बारिश के बाद अचानक निकली तेज धूप की वजह से उमस में इजाफा हुआ है। लगातार बदलाव से मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा गया है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुखार, वायरल फीवर, शरीर में दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। सोमवार को जनरल मेडिसिन विभाग की ओपीडी में एक दिन में 365 से अधिक मरीज पहुंचे। इसके अलावा बच्चे भी तेजी से बीमार हो रहे हैं।
मौसम में बदलाव के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। जरा सी असावधानी लोगों को बीमार कर रही है। सोमवार को ओपीडी में लगभग 365 मरीज ऐसे थे जो उल्टी-दस्त के साथ ही बुखार से भी पीड़ित थे। यह संख्या पिछले सप्ताह तक 250 के आसपास ही थी। बुखार के 153 और उल्टी-दस्त के 179 मरीजों ने चिकित्सकों से परामर्श लिया। इसके अलावा शरीर में दर्द समेत अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज परामर्श लेने पहुंचे। खान-पान में लापरवाही को भी इन समस्याओं की बड़ी वजह माना जा रहा है।
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विकास चंद्र विद्यार्थी ने बताया कि मौसम में बदलाव के समय बीमारी फैलती है। मरीजों में कई की हालत गंभीर होने पर अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है जबकि अधिकांश दवा और सावधानी से स्वस्थ हो रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक बारिश के बाद मौसमी संक्रमण के साथ टाइफाइड और मलेरिया के मामले भी बढ़े हैं। खानपान में लापरवाही को उल्टी-दस्त की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
रोज मिल रहे टाइफाइड मलेरिया के मरीज
बारिश के बाद मलेरिया व टाइफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ी है। आमतौर पर एक दिन में एक ही मरीज मलेरिया का मिलता था लेकिन पिछले लगभग एक सप्ताह से हर रोज छह-सात मरीज मलेरिया के मिल रहे हैं। राहत भरी बात यह है कि इन दिनों जो मलेरिया हो रहा है वह बहुत घातक नहीं है। डॉ. विकास चंद्र विद्यार्थी बताते हैं कि जांच में अधिकांश मरीजों में प्लाज्मोडियम विवैक्स संक्रमण पाया जा रहा है। यह गंभीर श्रेणी का मलेरिया नहीं माना जाता लेकिन तेज बुखार, कमजोरी और अन्य लक्षण होने पर कई मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है।
बदलते मौसम में बीमारियों से बचने के लिए डॉक्टरों ने एहतियात बरतने की दी सलाह
-संक्रामक बीमारियों से बचने के लिए पानी को उबालकर कर पीएं।
-घर के आसपास या कूलरों में पानी जमा न होने दें।
-बासी भोजन और खुले में बिकने वाले फल व फास्ट फूड न खाएं।
-खाना खाने से पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह धोएं।