पाली (हरदोई)। भाषणों में देशभक्ति की बड़ी बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधियों को शहीद की कब्र पर फूल चढ़ने तक का समय नहीं मिला। कारगिल युद्ध में शहीद आबिद की कब्र पर फूल चढ़ाने कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। पड़ोस में रहने वाले शाहाबाद विधायक बाबू खां कब्र के पास से निकल गए लेकिन कब्र तक जाने का समय नहीं निकाल पाए। एसडीएम, सीओ, पुलिसकर्मियों, पूर्व चेयरमैन, आबिद के परिजनों और नगर के कई लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूरे देश में 26 जुलाई मंगलवार को कारगिल विजय दिवस मनाया गया। इस युद्ध में पाली के आबिद भी शहीद हुए थे। एसडीएम सवायजपुर पीसी लाल श्रीवास्तव, सीओ नीतेश कुमार सिंह, भाजयुमो नेता संदीप, पूर्व चेयरमैन सत्तार खान, आबिद के परिजनों के अलावा नगर के कई लोग मंगलवार को शहीद आबिद की कब्र पर फूल चढ़ाने पहुुंचे। दोपहर एक बजे शहीद के परिजन और कुछ पुलिसकर्मी कब्र के पास खड़े थे। इसी बीच शाहाबाद विधायक बाबू खां का काफिला गुजरा।
विधायक आबिद नगर मोहल्ले में शहीद के घर से करीब 50 मीटर दूर रहते हैं। विधायक को आता देख लोगों को लगा कि वह शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करने आ रहे हैं। इस पर आबिद का बेटा आदिल और अन्य लोग खड़े हो गए। विधायक ने गाड़ी से शहीद की कब्र की ओर मुड़कर भी नहीं देखा। इससे शहीद के परिजनों में नाराजगी दिखी। कोई भी सांसद, विधायक, एमएलसी, जिला पंचायत सदस्य शहीद को श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचा।