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Hardoi News: रोडवेज बस में लग जाए आग तो ऊपर वाले को करना याद

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हरदोई। राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में अग्निशमन यंत्रों का बुरा हाल है। आपात स्थिति से निपटने के लिए बसों मे रखवाए गए अग्नि शमन यंत्रों को खोजना ही बड़ा काम है। कई बसों में तो ऐसे सिलिंडर रखे हैं जिनमें रिफलिंग की तारीख तक नहीं है। कहीं चालक की सीट के नीचे कबाड़ की तरह अग्नि शमनयंत्र रखे हैं तो कहीं एक कोने में पड़े धूल फांक रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी ने बुधवार को इसकी पड़ताल की।
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केस-1-
कोने में पड़े अग्निशमन यंत्र पर यात्री रख देते बैग
हरदोई से हरिद्वार और देहरादून तक चलने वाली बस संख्या यूपी 78 केटी 5932 में अग्निशमन यंत्र रखे हैं। रखे क्या हैं, एक कोने में पड़े हुए हैं। बस में सवारियां होती हैं, तो यात्री अपना कपड़ों से भरा बैग या अन्य सामान इन्हीं अग्निशमन यंत्रों पर रख देते हैं। आपात स्थिति आ जाए तो यह अग्निशमन यंत्र मिलेंगे भी नहीं।

केस-2-
अग्निशमन यंत्र लगने के बाद से नहीं हुई जांच
कानपुर से हरदोई के बीच में चलने वाली बस यूपी 77 एएन 1193 में भी अग्निशमन यंत्र है। इनकी हालत इतनी खराब है कि आपात स्थिति में यह काम ही नहीं आएंगे। इसमें रिफलिंग की तिथि तक नहीं दिखाई दे रही। यह भी नहीं पता कि यह वैध भी हैं या नहीं। परिचालक का कहना है कि यंत्र लगाने के बाद दोबारा कोई इसकी जांच करने नहीं आया।
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केस-3-
चालक की सीट के नीचे रखे अग्निशमन यंत्र
अजमेर और जयपुर तक जाने वाली बस यूपी 78 एलएन 0706 में दो अग्निशमन यंत्र रखे मिले। यह ऐसी जगह रखे हैं कि आपात स्थिति में किसी को मिलेंगे भी नहीं। चालक की सीट के नीचे दोनों अग्निशमन यंत्र दबे पड़े मिले। जब यंंत्र तलाशने में ही इतना समय लग गया तो आपात स्थिति में क्या होगा, समझा जा सकता है।


अग्निशमन यंत्रों को निर्धारित तिथि पर रिफिल करवा दिया जाता है। चालक और परिचालकों को भी निर्देशित किया गया है कि यंत्रों को सभी के सामने लगाएं। इसके बाद भी वह मनमानी करते हैं। उन्हें अग्निशमन यंत्रों को सही ढंग से उचित स्थान पर रखवाने के लिए कहा जाएगा।
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रमेश कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक
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