हरदोई। कनिष्ठ अधिकारियों के अधीन कार्य किए जाने से खुद को आहत बताते हुए एक चिकित्सा अधीक्षक ने अधीक्षक पद से इस्तीफा दे दिया। संडीला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डाॅ. शरद वैश्य ने वरिष्ठता की अनदेखी कर कार्य आवंटन किए जाने से नाराज होकर अधीक्षक के पद से इस्तीफा दे दिया है। डाॅ. शरद वैश्य ने सीएमओ को भेजे अपने इस्तीफे में कहा है कि वे चिकित्सक के रूप में सेवाएं देते रहेंगे। अधीक्षक के पद से इस्तीफा दिए जाने की जानकारी सार्वजनिक होते ही चर्चाओं के बाजार गर्म हो गए।
संडीला सीएचसी के अधीक्षक डाॅ. शरद वैश्य ने बताया कि तत्कालीन सीएमओ ने 10 अक्टूबर 2022 को वरिष्ठम, अपर एवं उपमुख्य चिकित्सा अधिकारियों का कार्य आवंटन किया था। इस पर कुछ चिकित्साधिकारियों ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद 19 अक्तूबर को उक्त कार्य आवंटन निरस्त कर दिया गया। डाॅ. शरद वैश्य का आरोप है कि इसके तीन दिन बाद ही 22 अक्तूबर 2022 को कनिष्ठ चिकित्साधिकारी को कई महत्वपूर्ण कार्य आवंटित किए गए। वरिष्ठता क्रम में उनसे जूनियर चिकित्सकों को विभिन्न कार्यक्रमों का जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किया गया लेकिन दस माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी डाॅ. शरद वैश्य की वरिष्ठता को नजरंदाज किया गया। उनका कहना है कि कनिष्ठ चिकित्साधिकारियों के अधीन कार्य किए जाने से वह मानसिक रूप से व्यथित हैं।
सीएमओ डॉ. रोहताश कुमार ने इस संबंध में बताया कि त्यागपत्र की मूल प्रति नहीं मिली है। व्हाट्सग्रुप पर ही त्यागपत्र की प्रति डाली है। संडीला सीएचसी अधीक्षक डॉ. शरद वैश्य दबाव बनाने का काम कर रहे हैं। यदि मूल प्रति देते हैं तो, शासन को भेजी जाएगी और दूसरे अधीक्षक की तैनाती कर दी जाएगी।