गरीबों की ठंड में सिरहन को महसूस कर अमर उजाला
द्वारा उठाए कदम के साथ चले पार्टी अध्यक्षों की सक्रियता ने पिछले कई
दिनों से सो रहे प्रशासन की निंद्रा बुधवार की देर शाम तोड़ ही दी। भाजपा
जिलाध्यक्ष के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद ही तीन सदस्यीय अधिकारियों की
टीम गठित कर अनशनकारियों को आश्वासन दे दिया गया, वहीं गुरुवार को पहुंचे
सपा जिलाध्यक्ष ने आश्वासन देकर असलापुर का धरना समाप्त कराया, तो गढ़ी के
ग्रामीण खबर लिखे जाने तक मौजूद थे।
बताया गया कि आवासों से लेकर पेंशन
आदि की मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से ग्राम गढ़ी एवं असलापुर नागामऊ
के ग्रामीणों का अनशन व धरना प्रदर्शन कलक्ट्रेट पर चल रहा था, जिसकी तरफ
प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा था। लोगों का यहां तक कहना था कि प्रशासन
महोत्सव में व्यस्त है, तो यहां कैसे ध्यान दे पाएगा।
अमर उजाला ने पिछले
कई दिनों से ठंड में ठिठुर रहे ग्रामीणों की पीड़ा को समझ पार्टी
जिम्मेदारों से पूछा तो सभी ने इस संवेदनहीनता की आलोचना की, पर सबसे पहले
आगे आए भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र कुछ देर बाद ही मौके पर पहुंच गए
और उन्होंने जिलाधिकारी रमेश मिश्र से मुलाकात की और अनशनकारियों के पास
भी गए।
इसके बाद डीएम के संज्ञान लेने के बाद सीडीओ आरएनएस यादव ने तीन
अधिकारियों की कमेटी गठित कर इन दोनों गांव के ग्रामीणों द्वारा दिए गए
मांग पत्र की जांच मौके पर जाकर करने एवं एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट
प्रेषित करने को निर्देशित कर दिया। कमेटी में अध्यक्ष मनरेगा उपायुक्त
अनिल कुमार, डीआरडीए के सहायक अभियंता राजेश सिंह एवं सहायक निदेशक बचत
श्रीराम को शामिल किया गया है।
इधर देर रात्रि पत्र देने के बाद भी
अनशनकारी नहीं हटे। इसके बाद गुरुवार की सुबह पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष शराफत
अली ने असलापुर के ग्रामीणों का धरना समाप्त कर उन्हें भेज दिया। उधर,
गढ़ी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि कहीं गांव पहुंच कर उनकी जान माल को
क्षति न पहुंचाई जाए तो वह अधिकारियों से सुरक्षा की मांग कर रहे थे।
समाचार लिखे जाने तक गढ़ी के ग्रामीण धरने पर मौजूद थे।