हरदोई। नोटबंदी के 50 दिन बाद हालात सामान्य हो गए हैं। शुरुआत में लड़खड़ाया बाजार अब सामान्य स्थिति में आ गया है और बहुत सी दुकानों में लेनदेन भी हाईटेक हो गया है। सभी बैंकों के एटीएम जरूर चालू नहीं हुए हैं लेकिन बैंकों में लाइनें खत्म हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बैंकों में पैसे जमा होने लगे हैं। किसानों और मजदूरों की दिक्कत भी दूर हो गई हैं।
आठ नवंबर को रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500-1000 रुपये के नोट बंद करने का एलान कर दिया था। शुरुआत दिनों में इसका विपरीत प्रभाव बाजार से लेकर खेतों तक दिखाई दिया। थोक ही नहीं फुटकर कारोबार भी 80 फीसदी तक लुढ़क गया। फुटकर रुपये न आने से 15 दिनों तक तो कई छोटे दुकानदारों की बोहनी तक नहीं हुई।
धीरे-धीरे बैंकों से रुपये भी मिलने लगे। इसके साथ ही दुकानदारों ने स्वाइप मशीन, पेटीएम, यूपीआई सहित कई एप्स से पेमेंट लेना शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में बड़े करोबारी चेक और मोबाइल बैंकिंग से कारोबार करने लगे। इससे नोटबंदी के 50 दिन बाद कारोबार में लगभग सामान्य हो गया है। सिनेमा चौराहा पर मोबाइल दुकान वाले उदय खत्री ने पेटीएम की व्यवस्था कर ली है।
उन्होंने कहा कि स्वाइप मशीन के लिए बैंक में आवेदन किया है। लखनऊ रोड एक साइबर कैफे पर नौकरी के लिए आवेदन फार्म भरने आए बावन के ददाईपुर निवासी श्रवण कुमार ने बताया कि बैंकों में पैसा निकालने में कोई दिक्कत नहीं है। एटीएम होने से स्वाइप मशीन से पेमेंट करना आसान है।
लखनऊ रोड स्थित एक साइबर कैफे के संचालक अनूप चंद्रा ने बताया कि उन्होंने पेटीएम और स्वाइप मशीन के माध्यम से पेमेंट की व्यवस्था की है। लोग एटीएम कार्ड से पेमेंट कर रहे हैं। डिजिटल लेनदेन से काफी सहुलियत हुई है। उधर किसानों की बुबाई भी प्रभावित हुई थी। किसानों से जैसे तैसे खेतो में बुबाई कर ली। अब बैंकों से पैसे मिलने के चलते किसानों की परेशानी कम हुई है। खेतों में पानी, खाद आदि के लिए किसानों को अब कोई दिक्कत नहीं है।
लखनऊ रोड स्थित एक दुकानदार मनोज चौरसिया ने एचडीएफसी बैंक से स्वाइप मशीन नवंबर के आखिरी सप्ताह में ली थी। तीन से चार दिन चलने के बाद मशीन खराब हो गई। इसको लेकर एचडीएफसी बैंक के अधिकारी से मिले, लेकिन मशीन नहीं ठीक हुई। इससे लेनदेन प्रभावित हो रहा है। सिनेमा चौराहा स्थित एक वस्त्र विक्रेता अनिल भसीन ने बताया कि उनके यहां पर अलग-अलग बैंकों की दो स्वाइप मशीन है, लेकिन दोनो खराब हो गई है। इसको लेकर 15 दिन पूर्व बैंक अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक मशीन ठीक नहीं हुई है। डिजिटल पेमेंट में सर्वर की समस्या आती है। कभी-कभी एटीएम कार्ड से पेमेंट नहीं हो पाता है।
एटीएम पर भी अब लाइनें सामान्य हो गई हैं। एसबीआई की मुख्य शाखा में बचत खाते से 24 हजार और चालू खाते पर 50 हजार रुपये आसानी से मिल रहे हैं। आनंद सिनेमा के सामने बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडीकेट बैंक में भी इसी तरह रुपये मिल रहे हैं। घंटाघर रोड इंडियन बैंक, सिनेमा रोड पर ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में भी अब मारामारी नहीं है।
एटीएम पर लगने वाली भीड़ भी सामान्य हो र्गई है। सिनेमा चौराहा पर एचडीएफसी के एटीएम, एसबीआई के सभी एटीएम व घंटाघर रोड स्थित इंडियन बैंक के एटीएम चालू रहे। इससे लोगों को राहत मिली। ज्यादातर एटीएम चलने से लोगों को दिक्कत नहीं हुई। उधर ग्रामीण व कसबों के ज्यादातर एटीएम न चलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
सिनेमा चौराहा पर शुक्रवार को आर्क मीडिया के कर्मचारियों ने कैंप लगाकर लोगों को डिजिटल पेमेंट के बारे में जानकारी दी। सुपरवाइजर सौरभ सिंह ने लोगों को बैंकों के यूपीआई एप व नमो एप के बारे में बताया। इसके साथ ही लोगों के एंड्राएड फोन पर नमो एप व यूपीआई अपलोड किया। इसके बाद बैंक से संपर्क कर इंटरनेट बैंकिंग कोड लेने की बात कही।