पाली। धोखाधड़ी के मामले में एक साल से फरार पाली थाने के हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया है।
पाली नगर के मोहल्ला बाजार निवासी आफाक खां कबाड़ का व्यापार करते हैं। 27 जून 2024 को उन्होंने पाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि नादखेड़ा निवासी चंदन सिंह और अनूप सिंह ने गांव के ही विपिन के खेत का सौदा तीन लाख रुपये में पक्का कराया था। छह मई को सौदा पक्का होने के बाद नौ जून को चंदन और अनूप की गवाही के आधार पर विपिन से खेत का बैनामा आफाक ने करा लिया था।
आफाक ने विपिन को ढाई लाख रुपये की चेक दी थी। किसी कारण से चेक का भुगतान न होने पर विपिन चेक वापस कर ढाई लाख रुपये नकद ले गया। बाकी बचे 50 हजार रुपये विपिन, अनूप और चंदन अगले दिन आफाक की दुकान पर आकर ले गए। 24 मई 2024 को आफाक को पता चला कि उससे बैनामा करने वाला शख्स विपिन है ही नहीं। विपिन दिल्ली में नौकरी कर रहा है।
विपिन की जगह नादखेड़ा निवासी विमल कुमार से बैनामा कराया गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने चंदन, अनूप और विमल के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। चंदन और अनूप ने न्यायालय में समर्पण कर दिया था। विमल फरार चल रहा था। थानाध्यक्ष सोमपाल गंगवार ने बताया कि विमल थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, अनुसूचित जाति उत्पीड़न, अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत पांच मामले दर्ज हैं। विमल को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।