हरदोई। कोरोना आपदा के कारण सामने आईं स्थितियां किसी से छिपी नहीं हैं। स्वास्थ्य महकमे में कई बार ऐसे हालात भी आए, जब अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध होने के बाद भी विशेषज्ञों के अभाव में इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सका। भविष्य में इस तरह की परेशानी न आए इसको लेकर कवायद की जा रही है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत जनपद के 246 युवाओं को पहले चरण में तीन माह का विशेष प्रशिक्षण देकर मेडिकल उपकरण चलाने में पारंगत किया जाएगा।
कोरोना संक्रमण की दर फिलहाल घटी जरूर है, लेकिन खत्म नहीं हुई है। कोरोना संकट के कारण जो हालात सामने आए वह किसी से छिपे नहीं हैं। कई बार ऐसे मामले भी सामने आए, जब संसाधन भरपूर थे, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं हो पाया। वजह यह थी कि इन संसाधनों का इस्तेमाल करने में निपुण लोग ही उपलब्ध नहीं थे। अब कौशल विकास योजना के जरिए शिक्षित युवाओं को तीन माह का विशेष प्रशिक्षण देकर इस लायक बनाया जाएगा कि वह स्वास्थ्य विभाग में उपलब्ध उपकरणों का संचालन कर सकें और चिकित्सकों के लिए भी मददगार बन सकें। प्रशिक्षण के लिए जनपद से पहले चरण में 246 लोगों को चयनित किया जाएगा। तैयारी इस बात की भी है कि जून में ही प्रशिक्षण शुरू भी कर दिया जाए।
इन विधाओं में दिया जाएगा प्रशिक्षण
- इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (बेसिक)
- जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (जीडीए)
- जीडीए-एडवांस्ड (क्रिटिकल केयर)
- होम हेल्थ एड
- मेडिकल इक्युपमेंट टेक्नोलॉजी असिस्टेंट
- फ्लैबोटोमिस्ट (सैंपल लेने वाला)
शैक्षिक योग्यता है तो यहां करें आवेदन
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के जिला समन्वयक निर्मल कुमार ने बताया कि हर विधा के लिए न्यूनतम शिक्षा की जरूरत है। जीडीए, जीडीए एडवांस और होम हेल्थ एड के लिए दसवीं पास युवा आवेदन कर सकते हैं। इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन के लिए 12वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है, जबकि फ्लैबोटोमिस्ट के लिए विज्ञान विषय से इंटर उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इनके आवेदन विकास भवन के निकट स्थित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के कार्यालय में किए जा सकते हैं।
एक तीर से साधे दो निशाने
अब कौशल विकास योजना के तहत एक तीर से दो निशाने साधे जा रहे हैं। एक ओर शिक्षित बेरोजगारों को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराए जाने की तैयारी की गई है, तो दूसरी ओर आपदा में संसाधनों का संचालन करने में मैन पावर की कमी न आने देने की भी रणनीति है।