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मॉडल विद्यालयाें में पढ़ने को करना होगा इंतजार

Fri, 08 May 2015 12:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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मॉडल विद्यालय में पढ़ने का सपना देख रहे जिले के होनहारों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। कारण अभी तक न तो मॉडल विद्यालयों के भवन बन पाए हैं और न ही स्टाफ की तैनाती हुई है। इस कारण जुलाई से मॉडल स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो पाना मुमकिन नहीं लगा रहा है।
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कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों के बच्चों को शिक्षा देने के लिए जिले में तीन मॉडल विद्यालय स्वीकृत किए गए थे। इनमें विकास खंड टड़ियावां का सिकरोहरी, भरावन का खसरौल और कोथावां ब्लाक का जरौआ शामिल है। प्रत्येक मॉडल विद्यालय के लिए 3.2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

इसमें से 2.75 करोड़ की लागत से विद्यालय भवन का निर्माण कराया जाना है, जबकि 27 लाख रुपये से फर्नीचर की व्यवस्था की जानी है। इन विद्यालयों में संबद्ध अंग्रेजी माध्यम से कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा प्रदान की जानी है।
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लक्ष्य था कि जुलाई से इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, मगर अभी तक इन विद्यालयों की इमारत ही नहीं बन पाई है।

तीनों मॉडल विद्यालय के भवन अधूरे हैं। इसके अलावा विद्यालय में शिक्षक स्टाफ की भी तैनाती अभी तक नहीं हुई है। इससे इन विद्यालयों में पढ़ने का सपना देख रहे बच्चों को अभी इंतजार करना होगा।

मॉडल विद्यालयों में शिक्षा तो अंग्रेजी माध्यम से दी जाएगी, किंतु उसका शुल्क माध्यमिक विद्यालयों की तरह ही रहेगा। फीस कम होने से उन बच्चों का भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने का सपना साकार हो सकेगा, जो गरीब होने के कारण कान्वेंट स्कूलों में नहीं पढ़ पा रहे हैं।

जिले में स्वीकृत तीनों मॉडल विद्यालयों को जो जगह आवंटित की गई है, वहां तक पहुंचने को समुचित मार्ग तक नहीं है। सिकरोहरी मॉडल विद्यालय तो जिस स्थान पर बना है, वहां बारिश में चारों ओर पानी भर जाता है। इससे वह टापू बन जाता है। ऐसे में विद्यार्थियों को विद्यालय तक पहुंचने में मुश्किल होगी।

अतरौली नेवादा मार्ग पर स्थित निर्माणाधीन मॉडल विद्यालय के भवन को समय पर पूरा करने को लेबरों की संख्या तो बढ़ा दी गई है लेकिन मुख्य मार्ग से स्कूल तक  जाने वाली करीब 500 सड़क की हालत खस्ता है। इसका निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हुआ।

ठेकेदार प्रदीप शर्मा का दावा है कि दो से तीन माह में विद्यालय भवन को तैयार कर देंगे। उधर, कोथावां क्षेत्र में स्थित निर्माणाधीन भवन में पहली मंजिल का लिंटर पड़ पाया है। इस इमारत को जल्द पूरा करने के लिए लेबरों की संख्या बढ़ाई है।

जुलाई से मॉडल विद्यालय का संचालन शुरू करने के निर्देश मिले थे। अभी तक विद्यालय में शिक्षक और स्टाफ की तैनाती नहीं हो पाई है। इनकी तैनाती शासन से की जानी है।

निर्माण कार्य जून तक पूरा हो जायेगा। स्टाफ की तैनाती होने पर ही विद्यालयों का संचालन संभव होगा। तीन अन्य विद्यालयों का भी प्रस्ताव गया था, जिसकी स्वीकृत मिल गई है। जल्द ही उन पर ही कार्य शुरू हो जायेगा।
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जेपी मिश्र, डीआईओएस।
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