शादी विवाह के आयोजनों एवं किसी जीत के जश्न में हर्ष फायरिंग हुई तो शस्त्र लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। वहीं एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस सुरक्षा की दृष्टि से स्वीकृत किए जाते हैं। इनका प्रयोग शादी विवाह या सार्वजनिक स्थानों या जीत के जश्न पर प्रदर्शन के लिए न किया जाए। ऐसा किए जाने से जनता में भय का वातावरण व्याप्त होता है, जो व्यक्ति शस्त्रों का प्रयोग प्रदर्शन के लिए या जनता में भय व्याप्त करते हुए पाए जाएंगे उनके शस्त्र लाइसेंस आयुध अधिनियम 1950 एवं आयुध नियमावली 1962 की सुसंगत धाराओं के अधीन तत्काल निरस्त करने के लिए कार्रवाई की जाएगी। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल एफआईआार दर्ज कराई जाएगी।
आपराधिक छवि वाले होंगे असलहों से महरूम
जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने बताया कि अभियान चलाकर ऐसे व्यक्तियों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए विधिक कार्रवाई की जाएगी, जो आपराधिक छवि के हैं।
हर्ष फायरिंग पर थानाध्यक्ष पर गिरेगी गाज
हर्ष फायरिंग पर पूरी तरह से अकुंश लगाने के लिए इस बार पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने सिर्फ कड़े नियम ही नहीं बनाए हैं बल्कि उन पर चलने का मन बनाया है। जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने बताया कि हर्ष फायरिंग जिन क्षेत्रों में हुई या रोकी न जा सकी तो वहां के थानाध्यक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी। हर्ष फायरिंग न रोक सकने वाले थानाध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।