हरदोई। तेंदुआ माहिर शिकारी की श्रेणी में आने वाला जानवर है। यह अपने शिकार को बचने का एक भी मौका नहीं देता। इसलिए इसको साइलेंट किलर भी कहते हैं।
डीएफओ रवि शंकर शुक्ला ने बताया कि तेंदुआ का वैज्ञानिक नाम पेंथेरा पार्ड्स है और यह जानवर गर्म इलाकों से लेकर बर्फीले इलाकों में पाया जाता है। बर्फीले स्थानों में पाए जाने वाले तेंदुए को हिम तेंदुआ कहा जाता है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ अपने जीवन का अधिकांश समय पेड़ों पर रहकर बिताता है और यह अपने शिकार को मारने के बाद पेड़ पर ले जाकर ही छिपाता है। तेंदुआ आकार में बाघ और शेर से छोटा होता है परंतु ऊर्जा के मामले में यह बाघ और शेर से फुर्तीला होता है। उन्होंने बताया कि यह आम तौर पर जंगलों में अकेला रहना पसंद करते हैं। यह अच्छे तैराक होते हैं और यह नदी, नालों में आसानी से तैर सकते हैं। इसीलिए जल्दी आबादी से दूर हो जाते हैं और पकड़ में नहीं आते।