हरपालपुर। बड़ागांव-अर्जुनपुर के बीच रामगंगा नदी पर पिछले एक साल से पक्के पुल का निर्माण चल रहा हैं। इसे पूरा होने में एक साल का समय और लगने की संभावना है। लोक निर्माण विभाग ने इस साल पैंटून पुल तैयार नहीं किया है। ऐसे में क्षेत्र के 30 गांवों की करीब 50 हजार आबादी के आवागमन का सहारा नाव बनी है।
पैंटून पुल न बंधने और पक्का पुल तैयार न हो पाने के कारण क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फर्रुखाबाद जाने के लिए लोग नाव और डोगा का सहारा ले रहे हैं। रामगंगा नदी के किनारे बसे गांवों की लगभग डेढ़ लाख आबादी सीधे तौर अर्जुनपुर रामगंगा घाट से जुड़ी हुई है।
ऐसे में बड़े वाहन वालों को सवायजपुर पहुंचने के लिए 30 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। पिछले साल लोक निर्माण विभाग की ने 15 सितंबर से 15 अक्तूबर के बीच यह पुल बांधा दिया था। जिसे मानसून के आने से ठीक पहले 15 जून को खोला गया था। इस साल पुल को तैयार करने का काम शुरू नहीं हो सका है।
नाव डूबने से 90 लोगों की गई थी जान
हरपालपुर। रामगंगा नदी पर पैंटून पुल नहीं बना था। ऐसे में लोग आवागमन नाव से करते थे। 80 के दशक में कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं से भरी नाव डूब जाने से करीब 90 लोग की मौत हो गई थी। इसके बाद तत्कालीन विधायक पंडित हरिशंकर तिवारी के प्रयास से नदी पर पैंटून पुल की स्थापना कराई गई थी।
वर्जन
बारिश के चलते नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। इस कारण पैंटून पुल को बनाने का काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है। अगले 10 दिनों में पैंटून पुल को बनाने का काम चालू करा दिया जाएगा। - अवधेश गुप्ता, अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग