फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरदोई: माइनर में डूबकर दो दोस्तों की मौत, बचाने के लिए गया अमन भी डूबा

Mon, 21 Aug 2023 06:51 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई

सार

पैर फिसलने से फरहाज गहरे पानी में चला गया, उसे डूबता देख अमन भी बचाने के लिए उतर गया। लेकिन दुर्भाग्य से दोनों लोगों की मौत हो गई। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देहात कोतवाली क्षेत्र के चरौली पुलिया के पास माइनर में नहाने के दौरान युवक गहरे पानी में चला गया। उसे डूबते देख दोस्त ने भी बचाने के लिए छलांग लगा दी। घटना में दोनों युवक माइनर में डूब गए। वहीं नहा रहे एक युवक ने शोर मचाया तो मौके पर भीड़ लग गई। आनन फानन ही माइनरमें डूबे दोनों दोस्तों को जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां इन दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

विज्ञापन


शहरकोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी अमन मेहरोत्रा (26) कुछ समय पहले तक दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। पिछले कुछ दिनों से वह घर पर ही रह रहा था। सोमवार दोपहर लगभग 12 बजे वह अपने दोस्त और पड़ोसी फरहाज खां (24) के साथ देहात केातवाली क्षेत्र में शाहजहांपुर मार्ग परस्थित चरौली पुलिया के पास माइनर में नहाने के लिए गया था। वहां पहले से ही विभूतिनगर निवासी ललित (28) नहा रहा था। ललित अमन और फरहाज को भी जानता था। 

नहाने के दौरान फरहाज पैर फिसलने से गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देख अमन भी बचाने के लिए गहरे पानी की ओर चला गया। कुछ ही देर में दोनों गहरे पानी में डूब गए। ललित ने दोनों को डूबता देख शोर मचाना शुरू किया, तो ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंच गए। इस सबके बीच कुछ लोगों ने पुलिस को भी सूचना दे दी। किसी तरह अमन और फरहाज को निकालकर जिलाअस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। घटना की जानकारी से दोनों के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों के शव मोर्चरी में रखवा दिए हैं।
विज्ञापन


माता पिता का इकलौता पुत्र था अमनअमन मेहरोत्रा अपने पिता रूप मेहरोत्रा और मां निर्मला मेहरोत्रा का इकलौता पुत्र था। अमन के परिवार में एक बड़ी बहन अंजली है, जो विवाहित है। अमन ने बीकॉम करने के बाद एनिमेशन का कोर्स किया था और दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहा था। पिछले लगभग एक पखवारे से वह घर पर ही था।
इनसेट

बचपन की दोस्ती अंत समय तक न टूटी
फरहाज और अमन के मकानों के बीच बमुश्किल पचास मीटर का फासला है। फरहान और अमन बचपन से ही साथ खेले कूदे और साथ ही पढ़ाई हुई। आस पास मकान होने के कारण दोनों के परिवार वाले भी एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे। जब भी अमन या फरहाज के पास समय होता था तो दोनों घूमने फिरने से लेकर खाने पीने तक अक्सर साथ ही जाते थे। कौन जानता था कि दोनों की दोँस्ती अंत समय तक भी ऐसी ही रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें