हरदोई। शहर के मोहल्ला आवास विकास के एक पार्क में रविवार को आरएसएस ने अखंड भारत संकल्प दिवस मनाया। संघ के जिला कार्यवाह संजीव सिंह ने स्वयंसेवकों से देश की एकता व अखंडता के लिए एकजुट होकर प्रयास करने की बात कही।
जिला कार्यवाह ने कहा कि 15 अगस्त को हमें आजादी मिली और वर्षों की परतंत्रता की रात समाप्त हो गई। इसके बाद भी मातृभूमि के विभाजन का घाव सहन करना पड़ा।
1947 का विभाजन पहला और अंतिम विभाजन नहीं था। भारत की सीमाओं का संकुचन उसके काफी पहले शुरू हो चुका था। सातवीं से नवीं शताब्दी तक लगभग ढाई सौ साल तक अकेले संघर्ष करके हिंदू अफगानिस्तान इस्लाम के पेट में समा गया।
हिमालय की गोद में बसे नेपाल, भूटान आदि अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण मुस्लिम विजय से बच गए। अपनी सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए उन्होंने राजनीतिक स्वतंत्रता का मार्ग अपनाया।
अब वह राजनीतिक स्वतंत्रता संस्कृति पर हावी हो गई है। श्रीलंका पर पहले पुर्तगाल, फिर हॉलैंड और अंत में अंग्रेजों ने राज्य किया। उसे भारत से पूरी तरह अलग कर दिया, लेकिन मुख्य प्रश्न तो भारत के सामने अभी भी है।
1300 वर्ष से भारत की धरती पर जो वैचारिक संघर्ष चल रहा था, उसी की परिणति 1947 के विभाजन में हुई। नगर संघ चालक मिथलेश नगर कार्यवाह विनय, नगर शारीरिक प्रमुख राज्यवर्धन, जिला संपर्क प्रमुख केके अवस्थी, गिरजाशंकर मिश्रा, विनय सिंह, मानवेंद्र सिंह, अनिल शर्मा, बसंतू, आशीष, माहेश्वरी, हर्षवर्धन सिंह रहे।