हरदोई। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 15 के जज अबुल कैश ने छेड़छाड़ के दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। पीड़ित मां ने आठ वर्ष पहले कछौना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
कछौना के एक गांव निवासी एक महिला ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि 7 दिसंबर 2014 की शाम उसकी बेटी खेतों की तरफ शौच करने गई थी।
इस दौरान पड़ोस का नईम बेटी को पकड़कर छेड़छाड़ करने लगा। बेटी के शोर मचाने पर ग्रामीण पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला। उसने युवक के घर उलाहना दिया, तो उसके परिजन गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर आमादा हो गए।
इसके साथ ही बेटी को घर से उठवा लेने की धमकी दी। बताया कि .ुवक पहले भी बेटी के साथ कई बार मारपीट कर चुका था। तब वह घर पर नहीं थी।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। इस मामले की सुनवाई एएसजे कोर्ट-15 में चल रही थी। लोक अभियोजक मनीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 14 वर्ष की नाबालिग के साथ आरोपी ने बुरी नीयत से छेड़छाड़ की है।
जो कि जघन्य अपराध है उसे अधिक से अधिक दंड दिया जाए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज ने मामले में दोषी मानते हुए आरोपी नईम को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।