बिलग्राम। कोतवाली क्षेत्र के कटरी महादेवा निवासी चाचा लाल सिंह और भतीजे मटरु के शव पहली सितंबर को कन्नौज की गंगा नदी में मिले थे। घटना के चौथे दिन भी पैतृक गांव में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में बढ़ती रंजिश के चलते लाल सिंह का परिवार गांव से पलायन कर गया था।
कटरी महादेवा गांव निवासी लालसिंह (28) और मटरु (19) चाचा-भतीजे थे। पहली सितंबर को दोनों के शव कन्नौज जिले में तूलापुर के पास गंगा नदी में पड़े मिले थे।
लाल सिंह के भाई रामचंद्र ने 11 लोगों के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। ग्रामीणों ने बताया कि कटरी महादेवा गांव में कुछ लोगों से रंजिश चल रही थी।
रंजिश बढ़ने के कारण उसका परिवार गांव से पलायन कर कन्नौज के युसुफपुर भगवान में जाकर रहने लगा था। वहीं परिवार तूलापुर के पास गंगा नदी की भूमि खेती कर रहा था। घटना के चौथे दिन कटरी महादेव मेें सन्नाटा पसरा है। कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।