हरदोई। फिरोजपुर से धनबाद जा रही गंगा सतलुज एक्सप्रेस में शनिवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। ट्रेन की एसएलआर बोगी की ब्रेक बाइंडिंग जाम हो जाने से हो जाने से कोच के नीचे से तेजी से धुआं निकल रहा था।
जिसे देखकर मलिहाबाद के स्टेशन मास्टर ने तत्परता से चालक और गार्ड को इसकी जानकारी दी। ट्रेन को काकोरी में रोक कर ब्रेक बाइंडिंग बदली गई। इसके बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई।
फिरोजपुर से धनबाद जा रही 13308 हरदोई से अपने निर्धारित समय सुबह के 7 बजकर 46 मिनट से 1 घंटा 15 मिनट की देरी से सुबह नौ बजे हरदोई पहुंची। जिसके बाद ट्रेन धनबाद के लिए रवाना हो गई।
गंगा सतलुज के मलिहाबाद स्टेशन से 10 बजकर 15 मिनट पर निकलते समय स्टेशन मास्टर की निगाह एसएलआर कोच के नीचे से उठते धुएं के गुबार पर पड़ी।
स्टेशन मास्टर ने तत्काल कंट्रोल समेत ट्रेन के लोको पायलट व गार्ड को सूचना दी। ट्रेन को मलिहाबाद से आगे पड़ने वाले एक ब्लॉक हट पर रोक कर अग्निशमन यंत्र से ब्रेक बाइंडिंग को ठंडा किया गया।
जिसके बाद ट्रेन के ब्रेक में तकनीकी समस्या की जानकारी गार्ड ने कंट्रोल को गई। इस पर मौके पर पहुंची टेक्निकल टीम ने हॉट एक्सेल होने से हुई समस्या को ठीक करके ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया।
इसके बाद गंगा सतलुज एक्सप्रेस मलिहाबाद के ब्लॉक हट से काकोरी स्टेशन तक लगभग 40 मिनट में पहुंची। रेल अधिकारियों ने बताया कि गंगा सतलुज एक्सप्रेस के एसएलआर कोच से धुआं निकल रहा था। ब्रेक बाइंडिंग जाम होने से ऐसा हुुआ। रेल कर्मचारियों ने ब्रेक बाइंडिंग की समस्या को दूर कर ट्रेन को आगे की ओर रवाना कर दिया है।