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फरियादियों को मिल रही संतुष्टि, गलत करने वालों को सजा

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फोटो- 39- गुरुवार को सच का सामना के तहत विवेचक और वादी से जानकारी लेते एसपी अनुराग वत्स। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। फरियादियों को संतुष्ट करने, वास्तविक पीड़ित को न्याय दिलाने और विवेचनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए शुरू हुई पहल का असर अब दिखने लगा है। सच का सामना में जब वादी, प्रतिवादी और विवेचक का आमना-सामना एसपी की मौजूदगी में हो रहा है तो नई जानकारियां भी सामने आ रही हैं। ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिनमें विवेचकों पर लगे आरोप झूठे साबित हो रहे हैं।
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जब विवेचकों के विरुद्ध खुल गई फाइल
प्रकरण -1 : अरवल थाना क्षेत्र के कीर्तियापुर निवासी शत्रुघन पुत्र बैकुंठ नाथ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विवेचक ने मारपीट के मामले में हीलाहवाली की है। मामला सच का सामना में आया और विवेचक अशोक कुमार को भी बुलाया गया।
वादी, प्रतिवादी और विवेचक का आमना-सामना हुआ तो पता चला कि विवेचक ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाए बिना ही चार्जशीट दाखिल कर दी। अब एसपी ने विवेचक अशोक कुमार के विरुद्ध प्रारंभिक जांच शुरू करा दी है।
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प्रकरण - 2 : मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रुकनापुर निवासी संतोष कुमार पुत्र मुन्ना लाल ने एसपी से शिकायत दर्ज कराई थी कि दुर्घटना के मामले में वाहन चालक का नाम नहीं दिया गया है। इस प्रकरण को सच का सामना में रखा गया। संतोष और विवेचक सोमपाल गंगवार आमने-सामने आए।
पता चला कि गैर इरादतन हत्या के मामले में विवेचक सोमपाल ने लापरवाही की। दुर्घटना करने वाले वाहन को कब्जे में नहीं लिया और आरोपी के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की। एसपी ने सोमपाल गंगवार की प्रारंभिक जांच शुरू करा दी है।
इनसेट
और जब झूठे निकले आरोप
शहर कोतवाली क्षेत्र के विवेक गुप्ता पुत्र दिनेश गुप्ता ने विवेचक पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए विवेचना किसी और से कराने का प्रार्थना पत्र दिया। एसपी ने विवेचक शहर कोतवाली के उपनिरीक्षक मोहम्मद अजीम खां का सामना विवेक से कराया। पता चला कि कई बार बुलाने पर भी विवेक गुप्ता बयान देने ही नहीं आए। इस पर गलत आरोप लगाने वाले को जमकर फटकार पड़ी।
इसी तरह बघौली थाना क्षेत्र के बरखेरवा निवासी निर्भय सिंह पुत्र परमेश्वर सिंह ने केस दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया और पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप लगाया। बघौली के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र मोहन सरोज और निर्भय सिंह का आमना-सामना कराया गया तो निर्भय सिंह के सभी आरोप झूठे मिले।
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