हरदोई जिले में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना पांच से छह मरीज भर्ती हो रहे हैं। वहीं पिछले चार दिनों में छह मरीज दम तोड़ चुके हैं। तीमारदारों की मानें तो अस्पताल में बुखार के मरीजों का इलाज भगवान भरोसे किया जा रहा है।
जिले की सीएचसी/पीएचसी में बुखार के मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बुखार से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। यहां बुखार के मरीजों को अलग वार्ड में भर्ती कर इलाज करने की व्यवस्था नहीं की गई है। आलम यह है कि पिछले छह दिनों में अस्पताल में भर्ती छह बुखार पीड़ित मरीज दम तोड़ चुके हैं।
जिनमें चार अक्तूबर को बेनीगंज के महादेवा गांव निवासी भरोसे (60), छह अक्तूबर को बेनीगंज के रसूलपुर निवासी जयदेव (14), 7 अक्तूबर को अरवल के श्रीमऊ निवासी सोनम के अलावा एक मासूम शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन बुखार से मौतों पर चुप्पी साधे हैं।
24 घंटे में बुखार के सात मरीज हुए भर्ती
जिला अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष में पिछले 24 घंटे सात बुखार से पीड़ित मरीज भर्ती हुए हैं। इन मरीजों में टड़ियावां के सैंती गांव निवासी साक्षी (10), शहर के अशोक नगर निवासी धीरेंद्र (52), टड़ियावां के पेंग निवासी रिंकी (34), बघौली के सारी पुर निवासी चेतराम (65), सुरसा के डिघिया गांव निवासी ज्ञानेंद्र (6), लोनार के सिलवारी निवासी सचिन (डेढ़ माह), धर्म पुरवा निवासी आशीष भर्ती हुए हैं।
डेंगू वार्ड में एक मरीज हुआ भर्ती
मलेरिया और टाइफाइड के साथ डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी सूत्रों के मुताबिक रोजाना 30 से 35 डेंगू की जांचें रोज हो रहीं हैं। अब तक 26 के करीब डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शहर के मोहल्ला नघेटा पश्चिमी निवासी निहाल सिंह (35) को डेंगू की पुष्टि होने पर भर्ती किया गया है।