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hardoi news, मानसून की सुस्त डगर ,सताने लगा सूखे का डर !

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फोटो-16 - फोटो : HARDOI
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हरदोई। मानसून की सुुस्त डगर से किसानों को सूखे का डर सताने लगा है। जुलाई में अभी तक महज 13 मिलीमीटर बारिश ने किसानों के चेहरों पर चिंता के भाव ला दिए हैं।
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बारिश नहीं होने से खेेतों में जोताई के लिए पर्याप्त नमी नहीं है। इसके चलते खरीफ की फसलें प्रभावित होने के साथ ही धान की रोपाई पिछड़ने के आसार बन रहे हैं।
बारिश नहीं होने से नहरों में पानी का फ्लो कम है। वहीं जलस्तर कम होने के चलते नलकूपों से भी भरपूर पानी नहीं आ रहा है। सैकड़ों निजी बोरिंग काम नहीं कर रही हैं।
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ऐसे में सब्जियों के साथ गन्ने की फसलों की सिंचाई के लिए दिक्कतें हो रही हैं। झमाझम बारिश होने का ख्वाब देख रहे किसानों को निराशा ही हाथ लग रही है।
बावन क्षेत्र के किसान राकेश तिवारी, सांडी क्षेत्र के किसान छोटे, संडीला क्षेत्र के आमिर आदि ने बताया कि बारिश न होने से खरीफ फसलें प्रभावित हो रही हैं।
सबसे ज्यादा दिक्कत धान की फसल को लेकर है। पिछले साल जुलाई के पहले पखवाड़े में 80 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस साल अभी तक महज 13 मिलीमीटर बारिश हुई है।
तापमान में झुलस गए किसानों के अरमान
बारिश न होने कारण सब्जियों के उत्पादन में कमी के साथ किसानों के अब कमाई के अरमान झुलसने लगे हैं। तापमान का स्तर 38 डिग्री के आसपास चल रहा है। पशुओं के लिए हरे चारे का संकट भी बन रहा है। हरी खाद के लिए भी ढैंचा आदि की बुआई प्रभावित हुई है।
इंसेट
सिंचाई व्यवस्था हेक्टेयर में
नहरों से सिंचित भूमि 89, 050
राजकीय नलकूप से सिंचित भूमि 70,154
निजी नलकूपों से सिंचित भूमि 1,13,169
खरीफ की फसलों का लक्ष्य हेक्टेयर में
धान 1,54,351
मक्का 38,254
ज्वार 5,710
बाजरा 3,619
उड़द 22,184
मूंग 289
अरहर 1.852
मूंगफली 12,890
तिल 23,415
सोयाबीन 02
वर्ष - जुलाई में बरसात (मिलीमीटर में)
2022- 13 मिमी -10 जुलाई तक
2021- 112 मिमी
2020 - 217 मिमी
2019 - 376 मिमी
2018 - 431 मिमी
2017 - 209 मिमी
वर्जन
उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने से किसानों को चिंता करना स्वाभाविक है। धान की रोपाई के साथ खरीफ की फसलों के लिए खेतों को तैयार करने का समय चल रहा है। ऐसे में मानसून की सुस्ती से फसलों की बुआई एवं धान की रोपाई पिछड़ने की आशंका है। - डा. नंद किशोर, डीडी कृषि
जुलाई माह में अब तक महज 13 मिलीमीटर बारिश कमजोर मानसून का संकेत है। कम बारिश होने से खेती किसानी पर प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है । - रमेश चंद्र, पर्यवेक्षक, मौसम वेधशाला

फोटो-17- फोटो : HARDOI

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