हरदोई। जिला अस्पताल की मेडिकल कॉलेज से संबद्धता होने के बाद से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराती जा रही हैं। अस्पताल और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के बीच तालमेल नहीं बैठ पा रहा है।
अस्पताल का स्टाफ दोनों प्रशासनिक शक्तियों के बीच मची खींचतान का फायदा उठा रहा है। इमरजेंसी हो या सामान्य वार्ड, इन हालातों में मरीजों का दर्द सुनने वाला कोई नहीं है।
जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध किए जाने के बाद आम जनमानस में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने के उम्मीद जगी थी। इसके बाद से अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ी, संसाधन भी बढ़े, लेकिन इलाज घट गया।
यहां आए दिन इमरजेंसी कक्ष से डॉक्टर ड्यूटी से नदारद रहते हैं। इलाज के लिए मरीजों को घंटों तड़पना पड़ता है। शिकायत करने के बाद भी मरीजों का दर्द सुनने वाला कोई नहीं है। इसका कारण मेडिकल कॉलेज प्रशासन व अस्पताल प्रशासन बीच तालमेल ठीक नहीं होना बताया जा है।
अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के तहत तैनात डॉक्टर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की आधीनता स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। शिकायत मिलने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उन्हें कई बार चेतावनी दी, लेकिन डॉक्टर लगातार मनमानी कर रहे हैैं।
इधर, अस्पताल प्रशासन स्टाफ से काम कराने में खुद को अक्षम बताता है। उसकी ओर से यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि मेडिकल कॉलेज के हाथ में ही लगाम है, वही जानें। लिहाजा, अस्पताल में अव्यवस्थाएं लगातार बढ़ती जा रहीं है। खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्जन
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से जो निर्देश मिलते हैं, उनका पालन किया जा रहा है। - डॉ.जेएन तिवारी,सीएमएस, जिला अस्पताल, हरदोई।
अस्पताल प्रशासन से अब काफी हद तक तालमेल होने लगा है। उनका स्टाफ निर्देशों का पालन भी करने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की बात की जाए तो वह तीन वर्ष के लिए मेडिकल कॉलेज के आधीन हैं। डॉक्टरों की ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ.वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज ,हरदोई।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के नहीं मानते निर्देश
जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट संचालित है। पिछले दिनों मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल प्रशासन को डायलिसिस प्रभारी से दस्तावेज मांगे थे। डायलिसिस यूनिट के जिम्मेदारों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दस्तावेज नहीं दिए। इस अव्यवस्था के लिए भी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल प्रशासन के बीच सामंजस्य की कमी मानी जा रही है।
स्पष्टीकरण मांगते, जवाब नहीं देते डॉक्टर
जिला अस्पताल के डॉक्टरों की मनमानी के आगे मेडिकल कॉलेज प्रशासन के निर्देश बेअसर हैं। इमरजेंसी कक्ष से आए दिन ड्यूटी से नदारद रहने वाले डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेज प्रशासन नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगता है। डॉक्टर नोटिस का जवाब तक नहीं देते, न ही कोई सुधार करते हैं।