हरदोई। 34 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के आरोपी 25 हजार रुपये के इनामी निलंबित बैंक प्रबंधक को पुलिस ने शुक्रवार को पिहानी बस अड्डे के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी दो साल से फरार था।
पिहानी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मझिया में ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त (एजीबी) संचालित है। चार अक्तूबर 2018 को बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अभिनव त्रिपाठी ने पूर्व में तैनात रहे प्रबंधक मनोज कुमार प्रभाकर के विरुद्ध 34 लाख 11 हजार 275 रुपये की धोखाधड़ी और जालसाजी करने का मामला पिहानी कोतवाली में दर्ज कराया था। मनोज बिहार के कैमूर जनपद के सोनहन थाना क्षेत्र के मदनपुरा गांव का रहना वाला है। मामला दर्ज होने के बाद मनोज को निलंबित कर दिया गया था। मनोज के लगातार फरार रहने पर पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। पिहानी कोतवाल महेश चंद्र ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पिहानी बस अड्डे के पास से शुक्रवार सुबह मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाल महेशचंद्र, उपनिरीक्षक आरके तिवारी, सिपाही प्रवीण राजभर, लोकेंद्र सिंह तनवर, अंकुर कुमार और मनीष चौधरी शामिल रहे।
289 फर्जी खाते खुलवाए थे, लगाए थे 1146 फर्जी वाउचर
एजीबी मझिया में प्रबंधक रहने के दौरान मनोज कुमार प्रभाकर ने जमकर खेल किया। आरोप है कि मनोज ने बड़ी संख्या में फर्जी खाते खोले और फर्जी विड्रॉल भरकर धन की निकासी की। पुलिस महकमे से जुड़े सूत्रों की माने तो कुल 289 फर्जी खाते खुलवाए गए थे। अधिकांश खाते खटेली, मझिया, कपूरपुर, चौधी आदि गांवों के थे। कुल 1146 फर्जी विड्रॉल फार्म के जरिए यह रुपये निकाले गए थे। मनोज का स्थानांतरण होने के बाद प्रकरण अभिनव त्रिपाठी के संज्ञान में आया तो उन्होंने मामले की एफआईआर दर्ज करा दी।