हरदोई के बैंक में सरकार द्वारा डाले गए पांच सौ रुपये निकाले के लिए निःशक्त लालाराम अपनी दृष्टिह?
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हरदोई। लॉकडाउन के दौरान लोगों को किस कदर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है इसका अंदाजा ग्राम खेतुई की दृष्टि बाधित मां व उसके नि:शक्त बेटे को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। महज 500 रुपये बैंक से निकालने के लिए गुरुवार को तपिश भरी दोपहरी में बेटा अपनी ट्राईसाइकिल पर दृष्टि बाधित मां को बैठाकर लाया। इस दृश्य को जिसने भी देखा व उनकी व्यथा सुनी, सबकी आंखें भर आईं।
शहर से सात किलोमीटर दूर ग्राम खेतुई की निवासी दृष्टि बाधित श्यामकली (70) के तीन बेटें हैं। बड़ा पुत्र लालाराम दोनों पैरों से नि:शक्त है। दो अन्य बेटे मजदूरी कर भरण पोषण करते हैं। मां के नाम डेढ़ बीघा खेत है। दृष्टि बाधित मां का जनधन खाता इलाहाबाद बैंक नुमाइश चौराहे की शाखा में है। खाते में सरकार ने पांच सौ रुपये भेजे हैं। उसी को लेने तपती धूप में नि:शक्त बेटे के साथ दृष्टि बाधित मां ट्राईसाइकिल पर आई। आना और जाना करीब 14 किलोमीटर था। बैंक के बाहर भीड़ होने के बाद भी लोगों ने दोनों की स्थिति को देख उनका कार्य प्राथमिकता पर करने को कहा। बैंक कर्मियों ने भी उनके कार्य जल्दी करवा दिए।