हरदोई। दर्पण की बैठक में बिजली और शिक्षा विभाग के सबसे ज्यादा झूठ सामने आए। विभागों के पटल प्रभारी वर्षों से पेंशनर्स और उनके उत्तराधिकारियों को उलझाकर पेंशन व ग्रेच्युटी का लाभ नहीं दे रहे थे।
बिजली विभाग के एक मृतक कर्मचारी के उत्तराधिकारी से अदेयता प्रमाण पत्र मांगा जा रहा था। उपलब्ध न कराने पर पेंशन रोक रखी थी। डीएम की फटकार के बाद विभाग के प्रतिनिधि ने पेंशन जारी कराने की बात कही।
शिक्षा विभाग के एक मामले में सभी प्रपत्र उपलब्ध कराने के बाद भी प्रपत्र न मिलने की बात कही गई। क्रॉस चेकिंग में मामला खुला तो डीएम ने संबंधित बाबू को निलंबित कर दिया।
विकास भवन सभागार में गुरुवार को हुई दर्पण की बैठक में समाज कल्याण, जिला विद्यालय निरीक्षक, विद्युत विभाग, नगरीय निकाय, निर्वाचन, राजस्व विभागों के 59 कर्मचारियों के देयकों से संबंधित शिकायतें आईं।
बैैठक में सबसे अधिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लंबित देयकों व शिक्षकों को 7वें वेतन का लाभ न उपलब्ध कराने की शिकायतें मिलीं। एक शिक्षक के भुगतान के संबंध में समय से आख्या न उपलब्ध कराने पर डीएम ने बीईओ भरावन से स्पष्टीकरण तलब कर लिया।
मृतक शिक्षक के आवेदक पुत्र ने सभी अभिलेख उपलब्ध करा दिए, इसके बावजूद बीईओ कार्यालय बावन के लिपिक प्रदुम्म कुमार अवस्थी ने प्रपत्र प्राप्त न होने की झूठी आख्या प्रस्तुत कर दी।
क्रॉस चेकिंग में पता चला कि आवेदक की ओर से प्रपत्र उपलब्ध कराए जा चुके हैं, लिपिक ने रिसीविंग नहीं दी। आवेदक ने एक प्रति भी डीएम के सामने प्रस्तुत कर दी।
इस पर डीएम ने लिपिक को निलंबित करने के निर्देश बीएसए को दिए हैं। इसके अलावा विद्युत वितरण खंड द्वितीय के उपखंड के पेंशन पटल के पूर्व प्रभारी वहीद अहमद को जान बूझकर अधूरी सूचना निदेशालय को भेजने के मामले में डीएम ने प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए हैं। बैठक में सीडीओ आकांक्षा राना, डीडीओ एपी सिंह, डीआईओएस वीके दुबे, दर्पण प्रभारी सुदेश कुमार दीक्षित आदि उपस्थित रहें।
15 दिनों में देनी होगी निस्तारण आख्या
डीएम ने दर्पण में आने वाली शिकायतों की 15 दिनों में निस्तारण आख्या उन्हें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो संबंधित विभागाध्यक्ष को प्रतिकूल प्रविष्ट दी जाएगी। डीएम ने कहा कि निस्तारण को गुणवत्तापूर्ण कराया जाए, खानापूर्ति न की जाए।
स्कूल के प्रधानाचार्य को प्रतिकूल प्रविष्टि
मृतक आश्रित को उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र बनवाने में सहयोग न करने के मामले में तुलसी आश्रम इंटर कॉलेज बघौली के प्रधानाचार्य को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने की संस्तुति की गई है। कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी के पद पर रहे मृतक के आश्रित ने उत्तराधिकार न होने की वजह से जीपीएफ न मिलने की शिकायत की थी। इस पर डीएम ने स्कूल प्रधानाचार्य को कर्मचारी के मृतक होने का साक्ष्य देकर उत्तराधिकार प्रमाण पत्र बनवाने में आश्रित की मदद करने के निर्देश दिए। अब तक ऐसा न करने के डीएम के निर्देश पर डीआईओएस वीके दुबे ने स्कूल प्रबंधक से प्रधानाचार्य को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए हैं।