पाली। पीएचसी में डॉक्टरों की मनमानी से मरीज परेशान हैं। डॉक्टर दो घंटे देर से ड्यूटी पर आते हैं, ऐसे में मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं देरी से आने के बाद डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भले ही स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जानने के लिए भले ही सरकारी अस्पतालों का औचक अकेले निरीक्षण कर रहे हैं लेकिन इस भय पाली पीएचसी के डॉक्टरों में नहीं दिखाई पड़ रहा है।
हालात ये हैं कि पीएचसी में अव्यवस्था का आलम लगातार बढ़ता जा रहा हैं। यहां पर कहने को डॉक्टर व कर्मचारियों की फौज है, लेकिन मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रहीं हैं।
यहां डॉक्टरों व कर्मचारियों के ड्यूटी पर देरी से आने के कारण मरीजों को मजबूरन निजी क्लीनिकों पर जाकर डॉक्टरों को दिखाना पड़ता है। बुधवार की सुबह 8 बजे से पीएचसी में मरीजों के आने का सिलसिला शुुरू हो गया।
काउंटर खुलने के बाद मरीजों के पर्चा तो बन गए लेकिन सुबह 10 बजकर 7 मिनट तक ओपीडी में डॉक्टरों व पीएचसी अधीक्षक कक्ष की कुर्सी खाली पड़ी रही। क्षयरोग कक्ष में ताला लटकता रहा।
ऐसे में डॉक्टरों के इंतजार करते हुए मरीज इस उमस भरी गर्मी में चिकित्सकों के कमरों के बाहर बैठे रहे। ऐसे में कई मरीज निजी क्लीनिकों पर परामर्श लेेने चले गए।
सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर आए एक डॉक्टर ने ओपीडी में मरीजों को देखना शुरू किया। मरीजों की मानें तो डॉक्टर ने पीएचसी के पर्चे के पीछे बाहर की दवाएं लिखकर उन्हें चलता कर दिया। पीएचसी में डॉक्टरों की मनमानी का खामियाजा मरीजों का भुगतना पड़ रहा है। लेकिन जिम्मेदार संज्ञान नहीं ले रहे हैं।
अधीक्षक बैठते नहीं, कैसे जल्दी आएं डॉक्टर
अधीक्षक के लगातार पीएचसी से गायब रहने का फायदा डॉक्टर उठा रहे हैैं। यहां पर तैनात पीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद शुक्ला कभी-कभार ड्यूटी पर नजर आते हैं। लोगों की मानें तो ज्यादातर दिन वह गायब ही रहते हैं। ऐसे में पीएचसी अधीक्षक ही जब कक्ष में नहीं बैठते, तो डॉक्टर कैसे जल्दी आएं। इस संबंध में अधीक्षक से बात की गई, तो उन्होंने क्षय विभाग के डॉक्टरों के फील्ड में होने की बात कही। ओपीडी में डॉक्टरों के देर से आने के सवाल पर उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
वर्जन
पीएचसी/सीएचसी पर डॉक्टरों को निर्धारित समय से ड्यूटी पर पहुंचने केे निर्देश हैं। इसके लिए समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाता है। इसके बावजूद अगर पाली पीएचसी में डॉक्टर देर से आ रहे हैं। तो शिकायत आने पर पीएचसी अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ.ओपी तिवारी, सीएमओ हरदोई
फोटो-10- क्षय रोग कक्ष में लटकता हुआ ताला- फोटो : HARDOI
फोटो-11- पीएचसी के पर्चे के पीछे लिखी गई बाहरी दवाएं- फोटो : HARDOI