हरदोई। कोरोना कर्फ्यू के एक बार फिर से बढ़ने के बाद रोज कमाने खाने वालों के आगे रोजी रोटी की समस्या आन पड़ी है। अपने परिवार का भरण पोषण फंसते देख रोज कमाने खाने वाले ठेला गुमटी वालों का यही कहना है कि कोरोना से तो बच जाएंगे लेकिन कर्फ्यू उनकी जरूर जान ले लेगा। आइए जानते हैं कि क्या कह रहे रोज कमाने खाने वाले...
कैसे चलाएं परिवार
घंटाघर रोड पर छोला भटूरे का ठेला लगाने वाले पुरुषोत्तम का कहना है कि जब से कोरोना कर्फ्यू जारी हुआ है। तब से परिवार का भरण पोषण भी फंस गया है। ठेला गुमटी वालों के लिए भी एक शेड्यूल बनाया जाए। ताकि वह लोग भी अपनी आजीविका चला सकें।
फलों का धंधा तो चौपट हुआ जा रहा
सिनेमा चौराहे पर फलों का ठेला लगाने वाले दुर्गेश का कहना है कि फल कोई ऐसी चीज नहीं जो रूक जाए। बिक्री नहीं होती तो वह सड़ जाते हैं। किसी तरह से सुबह 10 या 11 बजे तक बिक्री कर लेते हैं। उसके बाद तो बिक्री करना मुश्किल हो जाता है।
ठेले वालों को भी कुछ समय देना चाहिए
लखनऊ रोड के निकट फलों आदि का ठेला लगाने वाले मनीष का कहना है कि प्रशासन को ठेले आदि वालों के लिए एक शेड्यूल बना देना चाहिए। ताकि उनकी रोजी रोटी चल सके और परिवार का पालन पोषण कर सकें।
लुके छिपे जो कमा रहे, उससे चला रहे घर
खीरे ठेले पर बेंच कर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले आशीष शुक्ला का कहना है कि रोडवेज के निकट किसी तरह वह ठेला लगा रहे थे लेकिन अब नहीं लगाने दिया जा रहा है। पालिका परिसर में चोरी छिपे खीरा बेंच पा रहे हैं।