हरदोई। कोविड-19 नियमों को ध्यान में रखते हुए सनातन धर्मप्रचार महासभा के अध्यक्ष आचार्य सनत कुमार मिश्र की ओर से आदि जगतगुरु शंकराचार्य की जयंती मनाई गई।
आचार्य ने कहा कि आज से 2528 वर्ष पूर्व तत्कालीन शासनतंत्र ने जब सनातन संस्कृति को विनष्ट करने का षड्यंत्र रचा और भारत को विखंडित करने का प्रयास किया था।
उस संकट काल में इस अनीति के विरूद्ध शंखनाद करते हुए आदिगुरु शंकराचार्य ने अल्प समय में ही संपूर्ण भारत मे दिग्विजय यात्रा कर सनातनी हिंदुओं के प्रशस्त मान बिंदुओं की रक्षा की थी।
व्यासपीठ एवं शासनतंत्र का शोधनकर वैदिक साम्राज्य की स्थापना की। आज तीर्थ, धाम, मठ मंदिर आश्रम जो दिखाई पड़ रहे हैं वे उस समय लुप्त हो गये थे।
उसे पुन: प्रतिष्ठित किया तथा भजन, संकीर्तन , कथा, सत्संग, यज्ञ, पूजन आराधना को भारत में पुन: प्रतिस्थापित किया। इस अवसर पर कोरोना महामारी को नष्ट करने एवं जनमानस के कल्याण के लिए रुद्राभिषेक किया गया।