हरदोई। केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि देश को विश्व पटल पर मोदी सरकार ने मजबूत किया है। अब पूरे विश्व के मजबूत देश भारत से दोस्ती करना चाहते हैं।
भारत आज आंख झुकाकर नहीं, बल्कि आंख में आंख डालकर बात करता है। विपक्षी सिर्फ भाजपा सरकार की योजनाओं की आलोचनाएं करने में व्यस्त हैं।
उन्हें अपनी सरकारों में कभी जनता से लेनादेना नहीं था। इसलिए कभी सम्मेलन नहीं करते थे। भाजपा सरकार आठ वर्ष पूरे करने पर अपने कामों की रिपोर्ट दे रही है। वर्ष 2014 के जनादेश के बाद भारत की तस्वीर सुधरी है।
केंद्रीय मंत्री शनिवार को शहर के गांधी भवन में आयोजित भाजपा के गरीब कल्याण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। करीब दो घंटे देरी से कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने 30 मिनट तक सरकार की योजनाओं का बखान किया।
कहा कि वर्ष 2004 और 2009 में मनमोहन सरकार को कांग्रेस, सपा और बसपा के सांसद मिलकर चला रहे थे। इस सरकार ने जनता के लिए कुछ नहीं किया।
वर्ष 2014 के जनादेश में आई मोदी सरकार ने विकास की गंगा बहाई। गरीबी का प्रतिशत अब 22 से 10 फीसदी पर आ गया। 45 लाख 82 हजार जनधन खाते खोले गए, जो कोरोना महामारी के दौर में उपयोगी साबित हुए।
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धौरहरा की सांसद रेखा वर्मा ने कहा कि भाजपा की सभी अच्छी योजनाओं की विपक्ष आलोचना करता है। आलोचना भी ऐसी कि खुद मजाक बनते हैं।
कहते हैं कि फलां योजना हम लाने वाले थे, मोदी जी ले आए। खुद तो राज करते हैं, बच्चों को भी विरासत देकर जाते हैं। परिवारवाद में ही उलझे रहे, उनका देश की जनता से कोई लेना-देना नहीं रहा।
सम्मेलन में सांसद जय प्रकाश रावत, सांसद अशोक रावत, भाजपा जिला प्रभारी प्रकाश पाल, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, विधायक रामपाल वर्मा, माधवेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री, रामावतार शुक्ला, अजीत सिंह बब्बन, भाजपा नेता पीके वर्मा, अनुराग मिश्रा, प्रीतेश दीक्षित, भाजयुमो जिलाध्यक्ष आकाश सिंह, अलका गुप्ता मौजूद रहे।
नेहरू ने सिर्फ एक और मोदी ने बनवाए 15 एम्स
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में कांग्रेस की सरकारों ने जनता को कुछ नहीं दिया। नेहरू की 14 वर्ष की सरकार में एक एम्स, इंदिरा गांधी की 16 वर्ष की और राजीव गांधी की पांच वर्ष की सरकारों में एक भी एम्स नहीं बनाए गए। मनमोहन सरकार में एक एम्स का काम शुरू हुआ वो भी अधूरा छोड़कर चले गए। जबकि भाजपा की अटल सरकार ने छह और मोदी सरकार ने 15 एम्स देश को दिए।
मंत्री जी को सुनती रहीं खाली कुर्सियां
केंद्रीय मंत्री को सुनने के लिए 1500 लोगों के बैठने की व्यवस्था गांधी भवन मैदान में की गई थी। कार्यक्रम की शुरुआत में अच्छी संख्या में लोग आए भी, लेकिन मौसम की तपिश और व्यवस्थाओं की कमी की वजह से धीरे-धीरे कुर्सियां खाली होती चली गईं। मंत्री को आने में विलंब भी काफी हुआ। मंत्री के संबोधन के समय कुर्सियों पर महज कुछ लोग ही शेष बचे। खाली कुर्सियां देखकर मंत्री भी अपने संबोधन में कई बार असहज होते नजर आए।
मंत्री जी को देर हुई तो भंडारा खाकर लौट गए अतिथि
केंद्रीय मंत्री निर्धारित समय से दो घंटे विलंब से सम्मेलन में पहुंचे। तेज धूप में भूखे पेट लोगों से उनके आने का इंतजार नहीं हुआ। डेढ़ हजार की संख्या की भूख मिटाने के लिए लगभग 300 लंच पैकेट ही बांटे गए। गनीमत रही कि कार्यक्रम स्थल के ठीक बाहर भंडारा चल रहा था। लोगों ने भूख मिटाने के लिए भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया, शर्बत पिया और चलते बने।
फोटो-29- केंद्रीय मंत्री के भाषण के दौरान पहली लाइन में बैठे एक भाजपा नेता उनको सुनते-सुनते सो गए। इ?- फोटो : HARDOI
फोटो-13- गरीब कल्याण सम्मेलन को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पाण्डेय, मंच पर मौजूद धरो?- फोटो : HARDOI
फोटो-14- सम्मेलन में खाली रहीं कुर्सियां- फोटो : HARDOI