हरदोई। बैंक ऑफ इंडिया की ओर से जिला सलाहकार समिति बैठक हुई, लेकिन इसमें स्टेट बैंक के कोई अधिकारी नहीं पहुंचे। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मिश्रिख सांसद अशोक रावत ने एडीएम वंदना त्रिवेदी से कहा कि बैंक मैनेजर के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब-तलब करें। ऋण योजनाओं में लापरवाही करने वाले बैंक मैनेजरों के खिलाफ जिलाधिकारी के माध्यम से जीएम को पत्र प्रेषित कराएं।
मिश्रिख सांसद ने कहा कि बैंक अधिकारी दलालों पर रोक लगाएं। पात्र लोगों को समय पर ऋण उपलब्ध कराएं, ताकि लाभार्थी समय पर स्वरोजगार संचालित कर सकें। वहीं सांसद हरदोई जय प्रकाश रावत ने आर्यावत बैंक, स्टेट बैक, सेंट्रल बैंक आदि में गरीबों के रोजगार के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, स्व निधि योजना, केकेसी और स्वयं सहायता समूहों की लंबित ऋण पत्रावलियों पर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाओं के प्राप्त ऋण आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित ऋण उपलब्ध कराएं। बैठक में कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।