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हरदोईः मास्टर प्लान खारिज, 100 से घटाकर 50 मीटर करें ग्रीन बेल्ट का क्षेत्र

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फोटो-02- लखनऊ रोड पर सड़क के किनारे बने आवास - फोटो : HARDOI
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हरदोई। जिला प्रशासन ने शहर के मास्टर प्लान-2031 के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, क्योंकि इसके प्रकाशन के बाद जो दावे और आपत्तियां आई हैं। उनकी समीक्षा के बाद प्रशासन ने इसे नगर वासियों के हित में नहीं माना है।
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अब तक आई 243 आपत्तियों में 80 फीसदी लोगों ने हाईवे किनारे का ग्रीन बेल्ट एरिया 100 मीटर से घटाकर 50 मीटर से कम कराने की मांग की है। इस पर लोगों ने अपने-अपने तर्क दिए हैं। वहीं कुछ आपत्तियां ऐसी भी हैं, जिसमें शहर के अंदर ग्रीन बेल्ट और बाहर कृषि क्षेत्र को कम करने का विरोध भी दर्ज कराया गया है।
शहर के भीतर आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों की बढ़ती संख्या के कारण ही लोगों ने हाईवे और नालों के किनारे पर अतिक्रमण कर लिया है। कई जगहों पर मकान बन भी बना लिए हैं। इन पर पालिका ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। अब शहर के मास्टर प्लान 2031 की समीक्षा हुई, तो यह प्लान तकनीकी खामियों से भरा निकला। इसे लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
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प्रशासन ने जब इस प्लान की समीक्षा की, तो इसे खारिज कर दिया। प्रशासन का कहना है कि जमीनी हकीकत का सर्वे करके नया प्रस्ताव तैयार किया जाए, जिससे लोगों को कम से कम नुकसान उठाना पड़े।
वर्जन
प्रस्ताव देखकर ऐसा लगता है कि कार्यालय में बैठकर इसे तैयार कर लिया गया है। इसमें आम लोगों की दिक्कतों को समझा ही नहीं गया है। यही वजह है कि इसे जमीन स्तर पा जाकर नए सिरे से तैयार करने के लिए कहा गया है। - एमपी सिंह, जिलाधिकारी
आपत्तियों का निस्तारण कर बनाएं प्रस्ताव
मास्टर प्लान के पहले प्रकाशन के बाद 243 दावे और आपत्तियां आई हैं। जिसमें अलग-अलग तर्क दिए गए हैं। इसमें 150 दावा-आपत्तियों को समाहित करते हुए प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। ये ऐसे लोग हैं जिनके घर लखनऊ और कानपुर हाईवे या फिर प्रमुख व्यावसायिक सड़क के किनारे हैं। यदि इन्हें हटा दिया जाएगा, तो ये कहां जाएंगे। वहीं कुछ मांगें तो ऐसी भी हैं जिन्हें व्यवहारिक रूप से पूरा करना मुश्किल काम है।
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यह मांगें की गईं
- हाईवे के दोनों ओर ग्रीन एरिया का दायरा 100 से 50 मीटर किया जाए।
- शहर के अंदर व घनी आबादी में 50 मीटर ग्रीन बेल्ट को घटाकर 30 मीटर या फिर इससे भी कम किया जाए।
- हाईवे व नालों के किनारे अतिक्रमण करने वालों ने कहा हैं कि ग्रीन बेल्ट का दायरा कम किया जाए।
- पहले से बने और निर्माणाधीन भवनों को नुकसान होने से बचाने का प्रयास किया जाए।

फोटो-03- कानपुर रोड पर सड़क किनारे बने आवास- फोटो : HARDOI

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