वर्ष 1995 में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में राजेश्वरी देवी अध्यक्ष निर्वाचित हुईं थीं। तब अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित था। अगले ही वर्ष उनकी ननद अनीता वर्मा के नेतृत्व में भाजपाइयों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया था।
हरदोई में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर 20 साल बाद भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली है। दो दशक बाद मिली ऐतिहासिक जीत से भाजपाइयों के चेहरे खिल गए हैं। इससे पहले वर्ष 1996 से वर्ष 2000 तक जिला पंचायत अध्यक्ष पद भाजपा के हिस्से में रहा है।
विज्ञापन
वर्ष 1995 में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में राजेश्वरी देवी अध्यक्ष निर्वाचित हुईं थीं। तब अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित था। अगले ही वर्ष उनकी ननद अनीता वर्मा के नेतृत्व में भाजपाइयों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया था।
अविश्वास प्रस्ताव के जरिये राजेश्वरी देवी को हटाकर अनीता वर्मा को अध्यक्ष बनाया गया था। बीच में कुछ समय के लिए भाजपा नेता शैलेंद्र द्विवेदी भी कार्यवाहक अध्यक्ष बने। इसके बाद वर्ष 2000 से 2015 तक हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा बहुत महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभा पाई। इस बार हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा की प्रत्याशी प्रेमावती निर्वाचित हुईं हैं। कुल मिलाकर 20 वर्ष बाद जिला पंचायत में भाजपा का कमल खिला है।
विज्ञापन
59 वोटों से भाजपा प्रत्याशी की जीत हुई है। प्रमाणपत्र दिए जाने के दौरान निर्वाचन अधिकारी के कक्ष में प्रेमावती के साथ उनके पति पीके वर्मा और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल भी मौजूद रहे। परिणाम की घोषणा होने के बाद भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और जिला प्रभारी प्रकाश पाल और जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में पार्टी के प्रमुख जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी भी कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे।
इसके बाद कलक्ट्रेट परिसर में ही स्थित जिला पंचायत परिसर में प्रेमावती ने पौधरोपण भी किया। इस दौरान राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक वाजपेयी, शाहाबाद विधायक रजनी तिवारी, सांडी विधायक प्रभाष कुमार, सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह, बालामऊ विधायक रामपाल वर्मा, संडीला विधायक राजकुमार अग्रवाल के अलावा जिला उपाध्यक्ष कर्मवीर सिंह चौहान, संदीप सिंह और प्रीतेश दीक्षित भी मौजूद रहे।