हरदोई जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार फैल रहा है। जिला अस्पताल में पिछले 55 दिन में 38 डेंगू के मरीज मिले हैं। वहीं जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं। जिले में पिछले वर्ष डेंगू का प्रकोप भयावह रहा था।
उन दिनों 900 के करीब पॉजिटिव रोगी मिले थे। फिलहाल इस बार भी डेंगू के मरीजों की संख्या कम हैं, लेकिन हालात यहीं रहे तो शायद डेंगू के प्रकोप को रोकना मुश्किल होगा। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में प्रतिदिन 200 जांचें हो रहीं हैं। जिसमें डेंगू की जांच के लिए 40 सैंपल लिए जा रहे हैं। पैथोलॉजी के कर्मचारियों का कहना है कि रोजाना एक-दो पॉजिटिव केस निकल रहे हैं।
दो माह में अब तक 38 डेंगू के केस मिल चुके हैं। वहीं जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के इलाज बात की जाए तो, यहां सिर्फ वार्ड बना दिया गया है। वार्ड में अव्यवस्थाओं की भरमार है। दो माह से डेंगू के मरीज आ रहे हैं, लेकिन अभी तक वार्ड में एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है। अस्पताल में डेंगू के इलाज की समुचित व्यवस्था न होने पर मरीज निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। सीएमएस डॉ.जेएन तिवारी ने बताया कि अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए वार्ड बना हैं। यहां पर आने वाले डेंगू के गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज की व्यवस्था है।
ये लक्षण दिखें तो डॉक्टर के पास जाएं
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. शेर सिंह ने बताया कि बुखार आने के यह लक्षण दिखने पर नजरअंदाज न करें। जैसे सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, मतली, उल्टी आना, आंखों के पीछे हिस्से में दर्द होना, त्वचा पर चकत्ते, लाल रंग के दाने निकलना। इसके अलावा नाक आदि से खून बहना शामिल हैं। ऐसा महसूस होने पर सतर्क रहें।
घर में दें 10 मिनट, गमलों आदि की करें सफाई
डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। सीएमओ डॉ. राजेश तिवारी ने आम जनमानस से अपील की है कि रविवार को छुट्टी के दिन सभी लोग 10 मिनट का समय अपने घरों को दें। कूलर, गमलों, फ्रिज के पीछे की ट्रे, छत पर किसी भी चीज में पानी हो तो उसे खाली कर दें, ताकि डेंगू के लार्वा पर नियंत्रण हो सके।