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Hardoi: दबंगों ने नहीं लौटाए 17.95 लाख रुपये, व्यापारी ने फंदा लगाकर दी जान

Tue, 06 Sep 2022 04:30 PM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
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मृतक विनोद गुप्ता की फाइल फोटो - फोटो : HARDOI
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हरदोई जिले में शहर स्थित नवीन गल्लामंडी स्थित दुकान में गल्ला व्यापारी ने फंदा लगाकर जान दे दी। दुकान का शटर खोलने पर परिजनों ने शव लटका देखा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उन पांच लोगों के नाम लिखे हैं, जिनसे व्यापारी के 17.95 लाख रुपये लेने थे।
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सुसाइड नोट के मुताबिक व्यापारी को अपने रुपये वापस नहीं मिल रहे थे और वे लोग दबाव बना रहे थे जिन्हें व्यापारी को रुपये देने थे। इस दबाव में आत्महत्या करने का उल्लेख भी सुसाइड नोट में है। देहात कोतवाली क्षेत्र के महोलिया शिवपार निवासी विनोद गुप्ता उर्फ बल्लू (45) गल्ला व्यापारी थे। नवीन गल्ला मंडी में उनकी आढ़त है।

रोजाना की तरह वह सोमवार सुबह मंडी के लिए निकले थे लेकिन देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने व्यापारी के फोन पर कॉल की, तो वह रिसीव नहीं हुई। परिजन तलाश करते मंडी पहुंचे तो दुकान का शटर अंदर से बंद था। शटर तोड़ने पर शव फंदे पर लटका देख परिजनों के होश उड़ गए।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारा, तलाशी लेने पर जेब में सुसाइड नोट मिला। सुसाइड में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य पर 10 लाख रुपये के अलावा पांच अन्य लोगों को मिलाकर 17.95 लाख रुपये उधारी होने का जिक्र है। सुसाइड नोट में कहा गया है कि उसने भी कुछ लोगों से ब्याज पर रुपये लिए थे, वह लोग अपना रुपया मांग रहे हैं। यह लोग उसका रुपया लौट नहीं रहे हैं। सुसाइड नोट में इसी बात से परेशान होकर खुदकुशी करने का उल्लेख है। कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि व्यापारी ने आत्महत्या की है। उसके पास से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें कुछ लोगों पर रुपये बकाया होने की बात लिखी है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

सुसाइड नोट में लिखीं हैं यह बातें
जान देने से पहले व्यापारी ने सुसाइड नोट में लिखा कि प्रशासन महोदय, इन लोगों ने हमें बहुत परेशान किया और आश्वासन देते रहे, लेकिन रुपया नहीं दिया। प्रशासन महोदय से निवेदन है कि यह रुपये हमारी बीबी व बच्चों को दिलवा दे, परेशानी में हम अपनी जान दे रहेे आगे...उन लोगों के नाम व बकाया रुपयों का विवरण और फिर लिखा हम पर भी कई लोगों का रुपया था, लोगों का ब्याज भी देता था, कुल लोगों ने अपना रुपया सख्ती से मांगना शुरू कर दिया, यह हमसे सहन नहीं हुआ....।

परिवार को बहुत चाहता था
सुसाइड नोट में अंडर लाइन के नीचे लिखा कि मैं अपने परिवार को बहुत चाहता था... दीपक भइया व भाभी आपसे हाथ जोड़ के निवेदन है कि अपनी बहन व मेरी दोनों बेटियों को साथ रखना राकेश, राजू हाथ जोड़ निवेदन है कि हमारी दोनों बेटियों की पढ़ाई व शादी में मदद कर देना, प्रमोद भइया व परम भइया हमारे परिवार को देखें आदि का उल्लेख करने के बाद नीचे अपना नाम लिख दिया।

 

 

सुसाइड नोट

 

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