नगर की खस्ताहाल सड़कों पर अब आवागमन खतरे से खाली
नहीं है। बस स्टैंड, उन्नाव-बांगरमऊ रोड, बांगरमऊ तिराहा-इमलियाबाग
चौराहा-बेनीगंज, इमलियाबाग तिराहा-अतरौली मार्ग, चक्कर रोड बाईपास-पावर
हाउस के पास, जनता कोल्ड स्टोरेज के पास, रेलवे क्रासिंग के पास,
पीडब्ल्यूडी डाक बंगले के सामने हरदोई लखनऊ मार्र्ग जैसी करीब एक दर्जन
सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं।
हाय तौबा मचाने पर विभागीय कर्मचारी पैच
वर्क कराकर काम से पल्ला झाड़ लेते है। बस स्टैंड से उन्नाव जाने वाला
मार्ग दो वर्षों से ध्वस्त पड़ा है। थोड़ा सी बारिश में भी सड़क तालाब जैसी
प्रतीत होने लगती है। इस रोड पर एक किमी का रास्ता इतना खराब है कि उस पर
संभल कर निकलना पड़ता है। वहीं उन्नाव के औरास, शीशी, मियांगंज, हसनगंज
जाने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतें होती है।
अकसर वाहन पर पीछे बैठी
सवारियां हिचक ौले खाकर नीचे गिरकर घायल हो जाती हैं। इसी तरह चक्क र रोड
से बाइपास तक सड़क जगह-जगह पर ध्वस्त पड़ी है। टूटी हुई ईंटों की बजरी
दिखाई पड़ रही है। इसी रोड पर बने एक कोल्ड स्टोरेज के सामने सड़क पर पानी
भरा रहता है। इसके अलावा इमलियाबाग-बेनीगंज मार्ग की हालत भी खस्ताहाल है।
सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं।
इसी रोड से होकर तमाम वीआईपी और अफसर
प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नैमिषारण्य को जाते हैं, पर किसी ने भी इस खस्ताहाल
सड़क की ओर गौर नहीं किया। यही हाल इमलियाबाग से अतरौली जाने वाले रोड का
है, इस रोड पर भी जगह-जगह गड्ढे हैं।
इसी तरह पीडब्ल्यूडी डाक बंगले के
सामने सड़क पर पुरानी तहसील, संडीला ब्लाक कार्यालय, सिंचाई विभाग, स्टेट
बैंक, पीएनबी, नई तहसील, बैंक आफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, गैस एजेंसी जैसे
महत्वपूर्ण संस्थान हैं। ऐसे में बस स्टैंड से हरदोई लखनऊ मार्ग पर दोनों
तरफ लगभग डेढ़-डेढ़ किमी तक सड़क इतनी अधिक खराब हो चुकी है कि वाहनों का
चलना बहुत ही मुश्किल है।
थोड़ी दूरी पर गड्ढे बन गए हैं। उधर, रेलवे
क्रासिंग से मिली सड़क से वाहनों का गुजरना मुश्किल है। साइकिल सवार व
रिक्शा चलाने वालों को भी काफी परेशानी होती है। ज्ञात हो कि यह भाग रेलवे
विभाग में आता है, पर विभाग भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।