हरदोई। ट्रेन में 12 साल तक के बच्चे के आधे किराए पर मिलने वाली पूरी सीट का लाभ अब लोगों को नहीं मिल पाएगा। प्रतीक्षा सूची को कम करने के बहाने रेलवे एक बार फिर यात्रियों की सुविधाओं पर कैंची चलाने जा रही है। नए नियम के अनुसार निर्धारित उम्र तक बच्चे के लिए आरक्षण में आधा टिकट तो मिल जाएगा लेकिन सीट नहीं दी जाएगी। सीट के लिए यात्री को अलग से पैसा खर्च करना होगा या फिर बच्चे के साथ अपनी सीट शेयर करनी होगी।
गौरतलब हो कि रेलवे पांच वर्ष तक के बच्चों को ट्रेन में लेकर यात्रा करने पर छूट देती है जबकि 6 वर्ष से 12 वर्ष तक के बच्चों का दूरी का आधा किराया ही वसूलती है। बच्चे का आधा टिकट लेकर रेलवे यात्री को पूरी सीट देती है। नए वित्तीय वर्ष के 22 अप्रैल से आधी टिकट नहीं दी जाएगी। रेलवे के इस फैसले के पीछे प्रतीक्षा सूची में कमी लाने का उद्देश्य बताया जा रहा है। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक राम रतन ने बताया कि रेलवे के इस नियम के बारे में जानकारी दी जा चुकी है और 22 अप्रैल से नियम लागू होगा।
रेलवे के इस फैसले से साल भर में करीब दो करोड़ यात्रियों को फायदा मिलेगा। बच्चों के आधे किराए पर सीट बुक हो जाने से तमाम लोगों को सीटें नहीं मिल पाती हैं। वहीं, रेलवे को भी राजस्व का नुकसान होता है।