बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई किसानों की
फसल का जायजा लेने मंगलवार को डीएम रमेश मिश्र खुद खेतोें पर पहुंचेे।
उन्होंने सवायजपुर तहसील क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों का निरीक्षण
किया। इस दौरान किसानों के दुख दर्द भी सुने। डीएम ने कहा कि सर्वे रिपोर्ट
के अनुसार नुकसान के आकलन की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
पहले
बारिश से बर्बादी बाद में ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों को दो चक्करों में
सर्वे कराया गया, पर अब प्रशासन ने औचक निरीक्षण कर सर्वे की क्रास चेकिंग
शुरू कर दी। एसडीएम सवायजपुर अविनाश कुमार ने बीते दिन पांडेयपुर गांव के
गाटा संख्या 364 में जाकर फसल का जायजा लिया।
यहां के किसान
कृष्णकुमार व प्रमोद ने बताया कि उसकी ढाई बीघा फसल बर्बाद हो गई, जिस पर
एसडीएम ने सर्वे का मिलान किया, जिसमेें लेखपाल राजकिशोर द्वारा नुकसान
पचास फीसदी दर्शाया गया। इसके बाद एसडीएम ने अमिरता निवासी श्यामू सिंह के
खेत का निरीक्षण किया।
उन्होंने अपने सामने एक बिस्वा खेत की कटाई,
मड़ाई व तौलाई कराई तो नौ किलो गेहूं निकला। इससे अनुमान लगाया गया कि इस
क्षेत्र में एक बीघा में 1 क्विंटल की कमी की संभावना है। किसान राम सिंह,
रामनरेश आदि के खेतों मेें पहुंचे और जायजा लिया।
एसडीएम ने बताया
कि निरीक्षण में हकीकत जानने की कोशिश की जा रही, यदि कहीं अनियमितता मिली
तो कार्रवाई होगी। उधर, डीएम रमेश मिश्र सिलवारी, दुलारपुर, शिवराजपुर,
बाजपुर नकटौरा और महिमापुर गांव पहुंचे और खेतों में जाकर फसल का जायजा
लिया। उन्होंने गाटावार सर्वे रिपोर्ट से मिलान कराया।
इस क्षेत्र
में करीब 50 फीसदी फसल का नुकसान पाया गया। दुलारपुर के बु़द्धपाल व
सुरेंद्र के खेत में 40 फीसदी, महिमापुर की उमा कुमारी, रामपाल, रघुपाल के
खेत में 60 फीसदी तक नुकसान पाया गया। डीएम ने किसानों से कहा कि सर्वे के
संबंध में यदि कोई शिकायत है तो वह एसडीएम को दर्ज कराएं।