चेयरमैन हाजी करीमुल्लाह सिद्धू का लंबी बीमारी के
बाद शनिवार को निधन हो गया। वह 70 वर्ष के थे। लखनऊ के ओपी हास्पिटल में
उन्होंने शनिवार को सुबह साढ़े सात बजे आखिरी सांस ली। उनके निधन का समाचार
मिलते ही शोक की लहर छा गई।
गोपामऊ में बाजार बंद रहे और शव लाए जाते ही
आवास पर आखिरी दीदार करने वालों का तांता लग रहा। सिद्धू यहां अपनी खास
कार्य और भाषा शैली के लिए अलग पहचान रखते थे। काफी दिनों से वह लीवर
कैंसर की बीमारी से ग्रसित थे। गत दस फरवरी को ज्यादा हालत ज्यादा बिगड़ने
पर उन्हें लखनऊ के हास्पिटल में भर्ती करवाया गया था।
उनके पुत्र वली
मोहम्मद ने बताया चार दिनों तक मौत जिंदगी के बीच लड़ाई के बाद शनिवार सुबह
साढ़े सात बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। वह अपने पीछे तीन पुत्र और
पुत्रियों से भरा भरा पुरा परिवार छोड़ गए हैं। सिद्धू को गोपामऊ के आवाम
ने सन 2000 में पहली बार चेयरमैन चुना था।
इस बार के निकाय चुनाव में वह
दोबारा चेयरमैन निर्वाचित हुए थे। उनके निधन का समाचार मिलते ही कसबे
में गम की लहर छा गई। शोक के चलते व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। दोपहर
दो बजे उनका शव लाए जाते ही आवास पर आखिरी दीदार को तांता लग गया।
सपा
विधायक श्याम प्रकाश, उमेश अग्रवाल, अनीस खां, नफीस खां, नूर मोहम्मद, बशीर
मंसूरी, शहजाद, इसलाम आदि समेत नगर के गणमान्य लोगों ने उनके आवास पर
पहुंच कर परिजनों को ढांढस बंधा शोक जताया। देर शाम बस स्टैंड पर उनकी
नमाजे जनाजा पढ़ी गई और हजारों सोगवारों की मौजूदगी में उन्हें
सुपुर्द-ए-खाक किया गया।