पाली। गर्रा नदी उफान पर है। कहारकोला के बाद रंधीरपुर, लालुआपुर और ख्वाजगीपुर भी बाढ़ के पानी में घिर गए हैं। कहारकोला के स्कूल और ख्वाजगीपुर के छह घर कभी भी बह सकते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का पाली से सीधा संपर्क कट गया है।
ब्लॉक क्षेत्र में पिपरिया, नीसा, कूड़ी, खेरिया, चंद्रमपुर, खजुआई, कपूरापुर, उमरिया, ख्वाजगीपुर, रंधीरपुर, कहारकोला, बाबरपुर, अतरजी आदि गांव प्रभावित हैं। कहारकोला के प्रधान उमेश तिवारी ने बताया कि गर्रा नदी गांव के जूनियर विद्यालय की ओर तेजी से कटान कर रही हैं। गांव के पूरब छोर पर पानी कम है।
नाव ही आवागमन का साधन बची है। ब्लॉक के रंधीरपुर, लालुआपुर और ख्वाजगीपुर भी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। रंधीरपुर के अवनीश त्रिवेदी ने बताया कि उनके गांव से बाबरपुर होते हुए पाली की दूरी पांच किलोमीटर है। गर्राई नाला में पानी भरने से ये रास्ता बंद हो गया है। पिपरिया अनंगपुर होते हुए पाली 28 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। बाबरपुर-पाली रोड डूबने से रंधीरपुर, ललुआपुर, बीरमपुर सहित 15 गांव और मजरों का सीधा रास्ता बंद हो गया है।
ख्वाजगीपुर प्रधान के प्रतिनिधि सत्यपाल ने बताया कि उनके गांव के करीब छह घर रात तक नदी में समाने की आशंका है। फसलें तो पहले ही डूब चुकी हैं। गांव वालों ने बताया कि प्रशासन की नाव नहीं मिली है। अतरजी गांव का पश्चिमी हिस्सा कल तक बाढ़ की चपेट में आ जाएगा। केवलपुर बैजूपुर, शंकरपुर, ढहापुर, जम्हौरा, निस्यौली गोपाल, फदनापुर, बूटामऊ असलापुर आदि तटवर्ती गांव के लोग दहशत में हैं। एसडीएम सवायजपुर पीसी श्रीवास्तव ने बताया कि स्थिति पर नजर रखे हैं। बाढ़ राहत चौकियों पर अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।