सवायजपुर तहसील के विकास खंड भरखनी के ग्राम मुंडेर
में मृतकों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से अनुदान देने के मामले में
शिकंजा कस गया है। मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद हरपालपुर थाने के
दारोगा ने विभाग पहुंचकर जिला समाज कल्याण अफसर के कार्यालय से बिंदुवार
जानकारी लेकर अभिलेखों की पड़ताल की, जिससे महकमे में खलबली मच गई।
ज्ञात
हो कि राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा कर 15 वर्ष पहले
मुर्दों के नाम से अनुदान लेने का मामला तूल पकड़ रहा है। सवायजपुर के
भरखनी विकास खंड के ग्राम मुंडेर के मजरा गदरियापुरवा में ऐसे आधा दर्जन
मामले प्रकाश में आए थे। अमर उजाला ने फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए सात
मई के अंक में प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया था।
इसके बाद डीएम रमेश
मिश्र ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्कालीन एसडीएम अविनाश कुमार को
कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने मामले में संलिप्त 11 लोगों के
खिलाफ हरपालपुर और अरवल थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने के निर्देश दिए थे,
जिस पर सवायजपुर तहसील के कानूनगो विक्रम प्रसाद व रामलडै़ते यादव ने
दलालकर्ता निवासी दान सिंह, चतरखा निवासी अमरपाल।
महितापुर निवासी
ओमप्रकाश एवं आठ लाभार्थियों सरला पत्नी राम प्रकाश, गुड्डी देवी उर्फ
कटोरी पत्नी प्रभुदयाल, हीरा देवी पत्नी हरिश्चंद्र, बरनई चतरखा निवासी
महारानी पत्नी महेश और रामश्री, अड़रामऊ निवासी परमेश्वदीन, सतौथा निवासी
सुनीता पत्नी सुंदर सिंह तथा बारामऊ निवासी रामकली पत्नी राम सिंह पर
रिपोर्ट दर्ज कराई।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी
है। हरपालपुर थाने के दारोगा जयवीर सिंह ने मामले की विवेचना के लिए समाज
कल्याण अधिकारी कार्यालय से कई बिंदुओं पर जानकारियां एकत्रित कीं।
उन्हाेंने समाज कल्याण अधिकारी से मिलकर योजना से जुड़े अभिलेख लेकर उनमें
से कुछ प्रपत्रों पर रिपोर्ट भी बनाई है।