बघौली थानाक्षेत्र में कसहाई गांव निवासी बीए की छात्रा ने दादी की प्रताड़ना से तंग आकर ट्रेन के आगे छलांग लगाकर जान दे दी। ट्रेन चालक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रा की पहचान कर परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने उसे मानसिक बीमार बताते हुए आरोपों से इंकार किया है।
बघौली थानाक्षेत्र के कसहाई निवासी रामशंकर सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उनके दो बेटों में अवनीश कुमार बड़ा था। उससे छोटा ललित है। रामशंकर ने दोनों बेटों की शादी कर दी थी। करीब 10 साल पहले बीमारी के चलते अवनीश की मौत हो गई थी। अवनीश के परिवार में पत्नी वंदना के अलावा बेटा रजत (20), अमन (16), छोटू (12) व बेटी चंदा उर्फ आर्यांशी (19) थी। बडे़ बेटे की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी रामशंकर ही संभाल रहे हैं। उन्होंने अभी पैतृक संपत्ति का बंटवारा नहीं किया है। आर्यांशी बालामऊ के गंगा देवी महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी।
पुलिस के मुताबिक, वह घर पर जींस आदि पहनती थी। इस बात को लेकर दादी जागेश्वरी से उसकी नहीं बनती थी। करीब 10 दिन पहले आर्यांसी ने थाने में दादी की शिकायत की थी। पुलिस ने रामशंकर को थाने बुलाया व उसे समझा बुझाकर बाबा के साथ घर भेज दिया था। गुरुवार रात करीब आठ बजे दादी जागेश्वरी ने आर्यांशी को फिर डंाट दिया। इसी से क्षुब्ध होकर करीब नौ बजे वह बिना बताए ही घर से निकल गई थी। भाई रजत ने बताया कि जब वह घर में नहीं दिखाई दी तो खोजबीन चालू की।
काफी तलाश के बाद भी उसका सुराग नहीं लगा। रात करीब दो बजे थाने से दादी के पास फोन आया था। आर्यांशी का शव मिलने की जानकारी दी गई। रजत ने बाबा व गांव के कुछ लोगों के साथ थाने पहुंच कर बहन की पहचान की। रजत ने बताया कि पिछले एक महीना से बहन मानसिक बीमार थी। उसका इलाज कराया जा रहा था। एसओ राजीव चौधरी ने बताया कि रात करीब 12 बजे जीआरपी ने सूचना दी थी कि बरवापुरवा के निकट रेलवे ट्रैक पर किशोरी की लाश पड़ी है। एसओ ने बताया कि तहरीर मिलने पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी जान देने का किया था प्रयास
हरदोई। आर्यांशी का दादी के साथ छत्तीस का आंकड़ा रहता था। दादी को उसके पहनावे व बोल चाल के लहजे से एतराज था। इसके चलते दादी डाट फटकार के अलावा कई बाद आर्यांशी की पिटाई भी कर देतीं थीं। करीब एक महीना पहले दादी की पिटाई से क्षुब्ध होकर शाम करीब सात बजे वह बरवापुर के पास ट्रेन के सामने छलांग लगाकर जान देने गई थी। वह ट्रेन को आते देख रेलवे ट्रैक पर लेट गई थी। बरवापुर के ग्रामीणों ने उसे ट्रैक पर लेटे देख लिया था। इसके चलते उसे बचाकर घर भेज आए थे।
ट्रेन चालक ने दी थी जीआरपी को सूचना
हरदोई। बघौली थाना क्षेत्र के बरवापुर गांव के निकट से गुरुवार रात लखनऊ की तरफ से आ रही काठ गोदाम एक्सप्रेस अप गुजर रही थी। गांव के निकट पहुंचते ही चालक ने आर्यांसी को अचानक ट्रेन के सामने छलांग लगाते देखा। ट्रेन के चालक ने ही बालामऊ जीआरपी को किशोरी के ट्रेन के सामने कूदने की सूचना दी थी।