हरदोई। शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाना जिले में तैनात कुछ अफसरों की आदत बन गई है। मनरेगा के सामग्री अंश के भुगतान में जनपद में तैनात अफसरों ने शासन के निर्देशों की अनदेखी कर जमकर मनमानी की। अफसरों की यह मनमानी अब शासन तक पहुंच गई है। इसको लेकर ग्राम्य विकास आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया है।
गत वित्तीय वर्ष यानी 2022-23 का सामग्री अंश का लंबित भुगतान करने के लिए उपलब्ध कराए गए बजट के बावजूद शत-प्रतिशत भुगतान न होने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई है। पूरे मामले पर मनरेगा उपायुक्त से ग्राम्य विकास आयुक्त ने स्पष्टीकरण भी तलब किया है।
मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्याें के भुगतान दो अंशों में किए जाते हैं। मजदूरी का भुगतान श्रमांश के रूप में किया जाता है, जबकि कराए गए कार्य में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री का भुगतान सामग्री अंश के रूप में किया जाता है। जनपद में सामग्री अंश के भुगतान को लेकर जमकर मनमानी हो रही है।
इसको लेकर कई बार डीएम एमपी सिंह भी नाराजगी जता चुके हैं, लेकिन अब आयुक्त ग्राम्य विकास ने भी जिले की स्थिति पर सख्त नाराजगी जताई है। दरअसल बीती 28 जुलाई को मनरेगा के सामग्री अंश का भुगतान करने के लिए शासन ने 500 करोड़ रुपये का बजट पूरे प्रदेश के लिए अवमुक्त किया था।
बजट जारी करने के साथ ही यह निर्देश भी दिए गए थे कि वर्ष 2022-23 के सामग्री अंश का बकाया भुगतान शत-प्रतिशत इसी बजट से कर दिया जाए। बीती 26 सितंबर को ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी ने इसकी समीक्षा की, तो पता चला कि हरदोई जनपद में वर्ष 2022-23 के सामग्री अंश का शत-प्रतिशत भुगतान नहीं किया गया है। इसे उन्होंने शासन के निर्देशों की अवहेलना माना है।
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खंड विकास अधिकारियों को लेकर भी जताई नाराजगी
मनरेगा उपायुक्त से तलब किए गए स्पष्टीकरण को लेकर जारी पत्र में खंड विकास अधिकारियों को लेकर भी ग्राम्य विकास आयुक्त ने नाराजगी जताई है। मनरेगा उपायुक्त से पूछा है कि राज्य स्तर से लंबित देयता के सापेक्ष बजट उपलब्ध कराने के बाद भी आखिर खंड विकास अधिकारियों ने वर्ष 2022-23 का सामग्री अंश का लंबित भुगतान क्यों नहीं किया। माना जा रहा है कि जिन ब्लाकों में भुगतान लंबित रह गया है वहां के बीडीओ से भी जवाब तलब किया जाएगा।
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तीन करोड़ 89 लाख रुपये का भुगतान है बाकी
मनरेगा सेल से जुड़े सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2022-23 का सामग्री अंश का टैक्स समेत तीन करोड़ 89 लाख 54 हजार रुपये बकाया है। सबसे ज्यादा भुगतान टड़ियावां विकास खंड का बाकी है। यहां 91 लाख 56 हजार रुपये सामग्री अंश का भुगतान किया जाना है। इसी तरह सांडी में 57 लाख 38 हजार रुपये और हरियावां में 56 लाख 61 हजार रुपये का भुगतान सामग्री अंश का लंबित है। संडीला में 31 लाख 27 हजार, टोडरपुर में 28 लाख 39 हजार और बावन में 24 लाख रुपये सामग्री अंश का लंबित है।
ब्लाॅक सामग्री अंश का लंबित भुगतान (लाख रुपये में)
अहिरोरी 1.57
बावन 24.07
बेहंदर 10.77
भरावन 14.76
भरखनी 4.66
बिलग्राम 0.39
हरियावां 56.61
हरपालपुर 4.45
कछौना 3.06
कौथावां 21.33
माधौगंज 5.4
मल्लावां 8.21
पिहानी 0.82
सांडी 57.38
संडील 31.27
शाहाबाद 12.42
सुरसा 10.45
टड़ियावां 91.56
टोडरपुर 28.39