हरदोई। शारदीय नवरात्र को लेकर शहर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। माता रानी के पूजन और शृंगार के लिए आकर्षक चुनरी, गोटे, मुकुट, हार और अन्य पूजन सामग्री से दुकानें सज गई हैं। इस बार गोटे और सितारों से सजी चुनरियां महिलाओं को खासा आकर्षित कर रही हैं। दुकानदारों के मुताबिक नवरात्र नजदीक आने के साथ खरीदारी में तेजी आने लगी है और आने वाले दिनों में बाजार में और भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।
नवरात्र से पहले ही शहर भक्तिमय माहौल में डूब गया है। सदर बाजार समेत शहर के फुटपाथों पर माता का दरबार सजाने के लिए पूजन सामग्री की दुकानें लग गई हैं। जिन पर माता रानी को अर्पित करने के लिए लाल रंग की चुनरियों की सजावट ने आकर्षण बढ़ा दिया है। दुकानदारों ने कई प्रकार की आकर्षक चुनरियां रखी हैं। इनकी कीमत उनके आकार के अनुसार 20 रुपये से शुरू होकर 250 रुपये और गुणवत्ता के आधार पर 500 रुपये तक बिक रही हैं।
इनमें गोटे, जरी, मोती और चमकीले सितारों से सजाई गई चुनरियां ग्राहकों की पसंद बनी हुई हैं। छोटी-बड़ी चुनरियों के साथ माता के शृंगार के लिए मुकुट, बिंदी, नथ, हार, कंगन और फूलों की मालाएं भी बाजार में उपलब्ध हैं। दुकानदारों ने ग्राहकों की पसंद को देखते हुए नए डिजाइन और आकर्षक रंगों वाली सामग्री मंगाई है।
शृंगार की सामग्री की शुरू हो गई खरीदारी
नवरात्र में माता का दरबार सजाने के साथ ही उनको अर्पित करने के लिए शृंगार की सामग्री की खरीद की जाती है। इसमें चूड़ियों के साथ लिपस्टिक, पाउडर, काजल, बिंदी, बिछिया, तेल, कंघा समेत कई प्रकार की शृंगार की वस्तुएं होती हैं। वहीं शृंगार की कीमतों में भी वृद्धि हो गई है। जो सामग्री अभी तक 120 रुपये प्रति पैकेट आती थी वह अब 140 रुपये तक बिक रही है।
व्यापारियों की राय
-शारदीय नवरात्र को लेकर ग्राहकों में उत्साह दिखाई दे रहा है। गोटे और सितारों वाली चुनरियों की मांग सबसे अधिक है। इसके अलावा माता के लिए बिंदी, चूड़ी, सिंदूर, हार, मुकुट और अन्य सामग्री भी सजाकर रखी गई है। -प्रभाकर गुप्ता, सदर बाजार
नवरात्र में सबसे ज्यादा मांग नारियल, चुनरी, माता की पोशाक, पूजा की थाली, कलश और दूसरी पूजन सामग्री की रहती है। पिछले कुछ दिनों से ग्राहक खरीदारी के लिए बाजार पहुंचने लगे हैं। पर्व नजदीक आने के साथ खरीदारी में और तेजी आएगी। -केतन गुप्ता,
फोटो- 17- दुकान पर बिक्री के लिए सजीं माता को अर्पित करने के लिए चुनरियां। संवाद
फोटो- 17- दुकान पर बिक्री के लिए सजीं माता को अर्पित करने के लिए चुनरियां। संवाद