- राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को डीआईओएस के रूप में किया गया पदोन्नति
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शिक्षा विभाग में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को सेवानिवृत्त के बाद डीआईओएस के पद पर पदोन्नति मिली है। पदोन्नति सूची आने के बाद विभाग ने उनको प्रधानाचार्य पद से हटने का आदेश जारी कर दिया है। वहीं, प्रधानाचार्य पद से हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि नियमानुसर छह माह पूर्व विभाग को सूचना देनी चाहिए।
शासन की ओर से शिक्षा अधिकारियों के पदोन्नति की सूची जारी की गई है। इसमें राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य तौलेराम वर्मा भी शामिल हैं। पदोन्नति सूची जारी करने के बाद शुक्रवार के डीआईओएस वीके दुबे की ओर से प्रधानाचार्य को पत्र जारी किया गया है। इसमें बताया गया कि उनकी पदोन्नति अधिकारी संवर्ग में हो गई है। उनकी विभागीय अभिलेखों में सेवानिवृत्त की आयु 31 मई 2023 है। इसके बाद भी वे पद पर कार्य कर रहे हैं और विभाग को सूचना नहीं दी और न ही सेवानिवृत्त के संबंध में पत्रावली प्रस्तुत की।
प्रधानाचार्य पर अनुचित लाभ लेते हुए पद पर रहने का आरोप लगाया है। पत्र में उनको सेवानिवृत्त की पत्रावली प्रस्तुत करने और पदभार विद्यालय का प्रभारी प्रवक्ता सुधाकर बाजपेई को देने के आदेश हुए हैं।
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कोर्ट की शरण में जाएंगे
इस संबंध में प्रधानाचार्य टीआर वर्मा ने बताया कि उनको तीन साल से पदोन्नति का प्रकरण विभाग में लंबित थे। वह वर्तमान में विद्यालय में कार्यरत है, जो शिक्षक नियमावली के तहत आते हैं। इसलिए उनको शिक्षा सत्र का लाभ मिला है। शिक्षक संवर्ग को बीच सत्र में सेवानिवृत्त नहीं किया जा सकता है। इसके लिए शासनादेश जारी है। पूर्व में विद्यालय के कई प्रधानाचार्यों को इसका लाभ मिल चुका है। पदोन्नति सूची उनकी सेवानिवृत्त तिथि के बाद जारी हुई है। वह इस संबंध में उच्चाधिकारियों वार्ता करेंगे और कोर्ट की भी शरण लेंगे।