अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को
निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में आक्सीजन प्लांट बंद मिला। उन्होंने
जिले में संस्थागत प्रसव और नसबंदी की कम प्रगति पर नाराजगी जताई और
कार्रवाई की चेतावनी दी।
अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार
कल्याण मिथलेश चतुर्वेदी ने गुरुवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी में डॉक्टरों की उपस्थिति और उनके कार्य
का अवलोकन किया। उन्होंने मरीजों से जानकारी ली। इसके बाद दवा काउंटर का
अवलोकन किया। यहां मौजूद दवाइयों एवं स्टाक के विषय में जानकारी दी।
इंजेक्शन रूम पहुंचकर बाहर से दवा न लिखने के निर्देश दिए। उन्होंने
आकस्मिक कक्ष में पहुंच कर दवाओं आदि की जानकारी ली। वहीं आक्सीजन प्लांट
की मशीन न चलने पर नाराजगी जताते हुए जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए।
अस्पताल में बिजली जाने पर जनरेटर न चलने की मरीजों की शिकायत पर उन्होंने
कहा कि अस्पताल को पांच लाख रुपया भेजा गया था।
आगे की व्यवस्था पर वह
चुप हो गईं। उन्होंने सीएमओ कक्ष में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
की। जिसमें जिले में संस्थागत प्रगति प्रसव, नसबंदी और आशाओं के भुगतान में
जनपद मंडल में सबसे नीचे स्थान पर रहने पर नाराजगी जताई। कहा कि अगले माह
प्रगति लक्ष्य में कमी रही तो एमओआईसी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने समीक्षा में बावन, बिलग्राम, हरियावां और सांडी में कम संस्थागत
प्रसव होना पाया गया। वहीं मल्लावां, सांडी, हरपालपुर एवं टोडरपुर में
शून्य प्रतिशत नसबंदी होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने लक्ष्य को शत प्रतिशत
पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीएमओ डा. वीके गुप्ता, सीएमएस डा.
आर के मिश्र, डिप्टी सीएमओ डा. अश्वनी आदि मौजूद थे।