हरदोई। विधानसभा चुनाव में इस बार निर्वाचन आयोग पूरे प्रदेश के मतदेय स्थलों व वहां रखी ईवीएम को गूगल पर भी प्रदर्शित करवाएगा। गूगल पर जाकर सिर्फ एक क्लिक पर आयोग के अफसर जिले के किसी भी बूथ को सर्च कर ईवीएम का पुरसाहाल ले पाएंगे। वहां के मतदाताओं की संख्या भी स्क्रीन पर देख सकेंगे।
इस बार पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इंटरनेट, ब्राडकास्टिंग, वेब कैमरा, आन लाइन ट्रैकिंग सिस्टम आदि तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर जिलाधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल ने बताया कि गूगल मैप में ईवीएम व मतदान केंद्र की लोकेशन सहित कुछ अन्य बेसिक जानकारियों को फीड कर उनको ऑनलाइन कराया जाएगा। दिल्ली व लखनऊ में बैठे आयोग के अधिकारी भी मुख्यालय से मतदेय स्थलों की दूरी व केंद्र की लोकेशन आदि की जानकार ले सकेंगे।
एनआईसी में दिलाया गया प्रशिक्षण
आयोग के निर्देश पर रविवार को अवकाश के दिन भी एनआईसी के वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम में एनआईसी अधिकारी अमित मिश्रा ने नोडल अफसरों को प्रशिक्षण दिया। गूगल मैपिंग की बारीकी को समझाया।
वेबकास्टिंग को लेकर भी संजीदा है आयोग
विधानसभा चुनाव में संवेदनशील मतदेय स्थलों की वेबकास्टिंग कराई जाएगी। आयोग ने समस्त केंद्रों पर बिजली की व्यवस्था कराए जाने के निर्देश दिए हैं। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार वेब कैमरों की संख्या को चुनावों में बढ़ाया जाएगा।
मतदाता पर्ची के भी आन लाइन निकालने पर रहेगा जोर
अपर जिलाधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल ने बताया कि मतदाताओं के वोटर बनने से लेकर उनकी वोटर पर्ची तक की सुविधा ऑनलाइन व्यवस्था में कर रखी है। पिछले बार से शुरू हुई आन लाइन वोटर पर्ची की व्यवस्था इस बार भी लागू होगी।
मोबाइल पर मैसेज बताएगा बूथ
अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान के प्रति आकर्षित करने के लिए आयोग ने मतदान से पूर्व मतदाताओं के मोबाइल नंबर पर उनके बूथों के संबंध में मैसेज भेजकर भेजने की जानकारी दी गई है। नए मतदाताओं से आवेदन कराते समय उनके फार्म पर मोबाइल नंबर भी लिए जाते हैं।
365 वैलेट व 117 कंट्रोल यूनिट की हो चुकी ट्रैकिंग
हरदोई। निर्वाचन आयोग के जारी शेड्यूल के आधार पर ही ईवीएम की स्कैनिंग सातवें दिन रविवार को अवकाश के दिन भी कलक्ट्रेट परिसर स्थित नए गोदाम पर जारी रही। 31 अगस्त तक स्कैनिंग व ट्रैकिंग का कार्य निपटाया जाना है। अब तक 365 वैलेट यूनिट व 117 कंट्रोल यूनिट की स्कैनिंग व ट्रैकिंग का कार्य पूर्ण किया गया है।