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बच्चों पर अब लपट रही झपट

Fri, 22 May 2015 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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आमतौर पर हर साल 20 मई को स्कूल ग्रीष्मावकाश में बंद हो जाते हैं। इस साल भी तमाम सरकारी एवं निजी स्कूल बंद होने के साथ ग्रीष्मावकाश घोषित कर चुके हैं, पर कई स्कूल अभी भी खुले हुए हैं। यह स्कूल भीषण धूप और तपन के साथ गर्म हवाओं की लपट के बीच बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
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इस बाबत एडीएम लक्ष्मी शंकर सिंह कहते हैं कि वे आज ही डीएम से बात करेंगे। उधर, शिक्षा विभाग स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर बैकफुट पर नजर आ रहा। ज्ञात हो कि पारे का स्तर 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है और कई स्कूलों में अभी भी सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक कक्षाओं का संचालन हो रहा, जिससे सुबह 6 बजे घर से निकलने वाले बच्चे तपती दोपहरी और लपट के बीच बेहाल होकर ढाई बजे दोपहर के बाद घर पहुंच रहे हैं।

तपन और लपट से लाल हो रहे बच्चों के चेहरों पर स्कूलों के खुले रहने का खौफ साफ दिखाई पड़ रहा है, पर इसके बाद भी स्कूल संचालक बच्चों की सेहत से खिलवाड़ रहे हैं। कुछ स्कूलों ने संवेदनहीनता की हदें पार कर दी हैं और कक्षा 3 से लेकर 8 तक के बच्चों के लिए अभी भी सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक स्कूल का संचालन कर रहे हैं।
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अब समझना आसान है कि स्कूल बच्चों की सेहत के प्रति कितना सजग है। यह आलम तो छोटे बच्चों के प्रति है, बड़ों के प्रति क्या होगा, इसका अंदाजा लगाना सहज है। कुछ और भी स्कूल हैं, जो तपती दोपहरी एवं लपट के बीच नौनिहालों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

उधर, कस्तूरबा स्कूलों में भी अवकाश न करने से बालिकाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, जबकि शुक्रवार को तापमान का अधिकतम स्तर 44 एवं न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा, तो गर्म हवाएं करीब 7 किमी रफ्तार से चलीं। लपट से परेशान लोग आसमान से बरस रही आग से बिलबिला उठे हैं।
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