हरदोई। विकास खंड बेहंदर के गांवों में बनवाए जाने वाले रिकवरी रिर्साेस सेंटर (आरआरसी) के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में अलग से खाता में खुलवाकर बैंक लिमिट जारी की गईं हैं। खातों में राशि होने के बाद भी करीब 35 गांवों में आरआरसी नहीं बन पाए हैं। इससे कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में गांवों में घरों और सार्वजनिक स्थलों से निकलने वाले सूखे और गीले कूड़ा के निस्तारण के लिए आरआरसी बनवाए जा रहे हैं। पंचायतीराज विभाग की ओर से चयनित गांवों को काम कराने के लिए राशि भी जारी की गई है। बावजूद इसके न तो गांवों में काम हो पा रहा है और न ही खातों से राशि खर्च हो पा रही है। इससे जिले की प्रगति भी सीएम डैशबोर्ड पर प्रभावित हो रही है।
जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि बीडीओ और सहायक विकास अधिकारी पंचायत के माध्यम से संबंधित पंचायत सचिवों से काम न कराए जाने कारण पूछा गया है। एडीओ से कहा गया है कि सभी गांवों में आरआरसी का काम जल्द शुरू कराते हुए समय से पूरा कराएं। बताया कि लापरवाही पर संबंधित पंचायत सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है।
इन गांवों में धनराशि नहीं खर्च की गई
बताया गया कि विकास खंड बेहंदर में अल्हादादपुर नेवादा, अल्लीपुर टंडवा, अलावलपुर, असही आजमपुर, अटिया, अटुका, बहलोलपुर, बेहंदरखुर्द, भटौली नंदौली, बिरौली, चांदाबैजा, दिवारी, गुरुदयालपुर, गौरी सैय्यदतालिब, घुरेहरा, घुसपहा, हिया, जाहिदपुर, जरहा, कहचारी, कासिमपुर, करलावां, खेरवा, मॉडर, महसोना, पिलखनी दमगढ़ा, रामपुर बरौलिया, रसूलपुर आंट, रैसाे, रिठवे, समोधा, सरसंड, शाहपुर चमरहा, सिंधवल मलिहाबाद, सुरारी, उसरहा और रसूलपुरब्रह्मनान आदि गांवों में आरआरसी निर्माण के लिए जारी बैंक लिमिट में कोई भी धनराशि नहीं खर्च की गई है।