बिलग्राम। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पास पहुंच गया है। गंगा के किनारे बसी एक दर्जन से अधिक ग्राम सभाओं और उनके मजरों में रहने वालों की परेशानी बढ़ती जा रही है। कुछ स्थानों से ग्रामीण पलायन कर ऊपरी इलाकों में बस रहे हैं। खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कवायद की जा रही है। प्रशासनिक अमला भी सतर्क हो गया है। एसडीएम ने बाढ़ चौकियों के अलावा लेखपालों के एक दल को सोमवार को भेजकर पूरे इलाके की रिपोर्ट ली है।
सोमवार को गंगा का पानी किनारों को तोड़ कर आगे आसपास बढ़ रहा है। बांधों से छोड़ा जाने वाला पानी जल स्तर को तेजी से बढ़ा रहा है जिसमें गंगा के मुहाने अब छोटे पड़ गए हैं। पानी राजघाट के निकट गांवों कटरी परसोला के रामेश्वर पुरवा, कटरी छिबरामऊ के कुछ मजरों व कटरी बिचुइया के मजरों में खेतों की फसलों को प्रभावित कर रहा है। इलाकाई जानकारों की माने तो सभी नदी के किनारे बसे ग्रामीणों के लिए खतरनाक स्थित बन रही है। पूरे इलाके की फसलें खतरे की स्थिति से अब दूर नहीं हैं।
उधर, एसडीएम पीपी तिवारी व तहसीलदार एनपी मौर्या ने बताया कि चौकियों पर तैनात लेखपाल और राजस्व निरीक्षक से रिपोर्ट ली जा रही है। वहीं, ऐसे लेखपाल जो पूर्व में बाढ़ में काम कर चुके हैं उनको भी संभावित बाढ़ ग्रस्त इलाकों में भेज कर रिपोर्ट ली जा रही है।