माधौगंज (हरदोई)। कासगंज जिला निवासी महिला ने पांच लोगों पर बेटी को नौकरी दिलाने के नाम पर हरदोई ले जाने और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पुलिस में सुनवाई न होने पर उसने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मंगलवार को 17 माह पुराने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कासगंज के ढोलना थाना क्षेत्र के कस्बा बिलराम निवासी महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि उसके मोहल्ले में रहने वाले आशीष पुत्र बरकत व धर्मवीर पुत्र मिट्ठन, ग्राम बहरौली थाना लंभुआ जिला सुल्तानपुर निवासी इंद्रजीत यादव पुत्र रामकरन व बैंक कालोनी स्टेशन रोड कोतवाली मैनपुरी निवासी अर्चना सक्सेना पत्नी अमित सारिकवाल उसके परिचित हैं। आरोपी दो एनजीओ चलाते हैं, जिसके संचालन का जिम्मा अर्चना सक्सेना संभालती है। जून 2018 में आरोपियों ने उसकी बेटी की एनजीओ में नौकरी लगवाने की बात कही। 17 जून 2018 को आरोपियों समेत दो अन्य लोग उसके घर आए और हरदोई में नया ऑफिस खोलने की बात कहकर उसकी बेटी को भी कार से साथ ले गए।
उसी रात नौ बजे माधौगंज से हरदोई रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के आगे बाग के पास गाड़ी रोकने के बाद आरोपी कार से नीचे उतर गए। अर्चना बहाने से उसकी बेटी को बाग में ले गई। पीछे से वहां पहुंचे आरोपियों ने उसकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध पर अर्चना ने उससे मारपीट की। हरदोई से कुछ पहले ही उसे कार से उतारकर फरार हो गए। बेटी ने फोन पर उन्हें घटना की जानकारी दी। जिस पर वह और अन्य परिजन हरदोई आए और बेटी को लेकर माधौगंज थाना गए। शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामला संज्ञान में आने पर कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज किए जाने का आदेश दिया है। पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।